न्यूयॉर्क में हर साल की तरह इस साल भी इजरायल दिवस परेड मनाई गई। और उसमे परेड भी हुई। हर साल यहाँ पर होने वाली परेड में न्यूयॉर्क के मेयर हिस्सा लेते थे, मगर इस बार ऐसा नहीं था। इस बार न्यूयोर्क के मेयर इस सालाना आयोजन से नदारद दिखे।
यह कुछ लोगों के लिए परेशान करने वाला हो सकता है, मगर कुछ के लिए नहीं, या कहें अधिकांश के लिए नहीं। न्यूयॉर्क के मेयर मामदानी हाल ही मे बकरीद के अवसर पर चर्चा में आए थे। वे अपने लुक के चलते चर्चा में आए थे।
उन्होनें “आर्सेनल फुटबॉल क्लब” की थीम वाला कुर्ता पहना हुआ था और उन्होनें बांग्लादेशी समुदाय के साथ मिलकर ईद मनाई थी। इसके साथ ही उन्होनें ब्रॉनक्स में ईद मनाई थी, और इस कारण और भी लोगों का ध्यान उनकी ओर गया था।
दरअसल ब्रॉन्क्स ऐसा क्षेत्र है, जहां पर बांग्लादेशी मुस्लिमों की आबादी अच्छी खासी है। उस क्षेत्र को लिटिल बांग्लादेश भी कहा जाता है। और यहाँ पर बांग्ला भाषी लोग और बांग्ला जीवनशैली एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है। तो मामदानी उनके साथ ईद मनाने के लिए पहुंचे थे।
उनके कुर्ते, जहां उन्हें ईद मनानी थी उस एरिया को लेकर विवाद हुआ ही था, मगर साथ में सबसे ज्यादा विवाद हुआ था, वह था उनकी साथी अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ का हिजाबी लुक भी चर्चा का विषय बना। गौरतलब है कि अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ एक फेमिनिस्ट हैं और उनकी अक्सर महिलाओं की आजादी और अधिकार को लेकर वीडियोज़ वायरल होते रहते हैं।
मगर ईद की मुबारकबाद देने के लिए वे हिजाब में पहुंची थीं, इससे और भी लोगों को गुस्सा आया था और वह विवाद का विषय बना। लोगों ने कहा कि जोहरान मामदानी न्यूयॉर्क को जिहादी सोच वाला बना रहे हैं। कुछ ने कहा कि न्यूयॉर्क को वे कट्टर इस्लामी शहर में बदल रहे हैं। लोगों ने उनकी कट्टर इस्लामी सोच पर सवाल उठाए थे।
मगर अब जो उन्होनें किया है, उससे लोगों के इस संदेह की पुष्टि हुई है कि वे अपना इस्लामिक एजेंडा चला रहे हैं या फिर इस्लामिक सोच से संचालित हो रहे हैं।
क्या है विवाद?
हर साल मई के अंतिम रविवार को इजरायल डे परेड न्यूयॉर्क में होती है और इसमे हर साल हजारों लोग शामिल होते हैं। यह न्यूयॉर्क सिटी का सबसे बड़ा यहूदी-सांस्कृतिक आयोजन है। इस आयोजन के माध्यम से इज़रायल के प्रति समर्थन और यहूदी पहचान को प्रदर्शित किया जाता है। हर साल न्यूयॉर्क के मेयर भी इसका हिस्सा बनते हैं, मगर मामदानी ने यह परंपरा तोड़ दी। इस बार भी लगभग 50,000 से ज्यादा लोग और न्यूयॉर्क के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। मगर मामदानी ने इसमें शामिल न होना चुना।
दरअसल उन्होनें पहले ही यह वादा किया था कि वह इस आयोजन का हिस्सा नहीं बनेंगे और उन्होनें मेयर बनने के बाद इस वादे को निभाया।
मगर यह वादा क्यों था?
अब सवाल यह उठता है कि यह वादा क्यों था? क्यों मामदानी ने यह वादा किया था और क्या इजरायल से इस सीमा तक नफरत है मामदानी को?
मामदानी एक आम कट्टर मुस्लिम की तरह फिलिस्तीन समर्थक माने जाते हैं। वे फिलिस्तीनी अधिकारों पर जोर देते हैं और लंबे समय से इजरायल की कथित कब्जे कीनीति का विरोध करते हुए आ रहे हैं। उनका यह कहना है कि इज़रायल गाजा में जेनसाइड कर रहा है। मामदानी का कहना था कि वे ऐसे आयोजनों का हिस्सा नहीं बन सकते हैं, जो इस जेनसाइड की नीतियों का समर्थन करता हो।
इतना ही नहीं पहली बार ऐसा हुआ कि परेड से पहले मेयर कार्यालय ने एक ऐसा वीडियो जारी किया, जिसे अभी तक किसी भी सरकार ने जारी नहीं किया था। साल 1948 में कथित रूप से लाखों फिलिस्तीनियों के विस्थापन पर था। अभी तक किसी भी मेयर ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी थी, मगर मामदानी के कार्यालय से इस वीडियो के जारी होते ही इस घटना को औपचारिक मान्यता मिल गई।
हालांकि मामदानी ने सुरक्षा की बात की
हालांकि मामदानी ने यह दिखाने की कोशिश की कि वे उदारमना दिल के मालिक हैं और वे दिल से इस आयोजन को होने देना चाहते हैं। उन्होनें परेड के लिए पूरी तरह से सुरक्षा देने का वादा किया।
आलोचक यह कह रहे हैं कि उन्होनें यह दिखाने का प्रयास किया कि वे पूरी तरह से यह चाहते हैं कि यह परेड हो और वे किसी भी तरह से न्यूयॉर्क मे रह रहे यहूदियों के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह इजरायल के खिलाफ हैं। मगर उनका यह झूठ लोग मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
मामदानी के चुनाव अभियान के उस वीडियो की क्लिप वायरल है, जिसमें मामदानी ने कहा था कि वह खुद इसमें भाग नहीं लेंगे, मगर न्यूयॉर्क में सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस परेड को सुरक्षा देंगे।
मामदानी के इस भाषण और कदम पर लोग यह कह रहे हैं कि इससे साबित होता है कि मामदानी के दिल में यहूदियों के लिए कितनी नफरत है। वहीं मंगलवार को मामदानी ने इस बात पर नाखुशी जाहिर की कि न्यूयॉर्क में आयोजित इस परेड में इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच और अन्य राष्ट्रवादी अधिकारी शामिल हुए।
कुलमिलाकर मामदानी का यह कदम लोग इस्लामी कट्टरपंथ से प्रेरित बता रहे हैं, जिसमें यहूदियों के लिए उनके दिल में कोई प्रेम नहीं है।











