भारत ने रक्षा क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करते हुए बीते रविवार को हरियाणा स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक हाई कैलिबर बम का सफल परीक्षण किया। इसे पंचकुला जिले के अंतर्गत आने वाले रामगढ़ क्षेत्र में स्थिति टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) में किया गया। इस परीक्षण को भारतीय वायुसेना की कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया।
गलत इमेज की जा रही प्रसारित
भारत की इस सफलता के बीच कुछ फेक तस्वीरों को भी प्रसारित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि DRDO की रामगढ़ फ़ैसिलिटी में भारत का एक हाई-कैलिबर बम गलती से समय से पहले ही फट गया। जबकि, न्यूज एजेंसी पीआईबी के फैक्ट चेक में ये सामने आया है कि भारत के हाई कैलिबर बम टेस्टिंग की झूठी खबर को प्रकाशित किया जा रहा है। एजेंसी ने अपने दावे को साबित करने के लिए ऑल इंडिया रेडियो के एक्स पोस्ट से ऑरिजनल वीडियो शेयर किया है।
🚨 Do NOT fall for Fake News!
A video is being shared on social media claiming that India’s high-caliber bomb accidentally detonated prematurely at DRDO’s Ramgarh facility.#PIBFactCheck
❌This Claim is #Fake
✅The video shows a successful test of a high-caliber bomb… pic.twitter.com/WohbI5BF7V
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 1, 2026
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि रविवार को इस हाई कैलिबर बम की टीबीआरएल फैसिलिटी में सफल परीक्षण किया गया। इस बम का धमाका इतना तेज था कि कई किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनी गई। इसके मलबे और टुकड़े करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी तक उछल कर गए। वहीं जमीन पर दो किलोमीटर के दायरे में इसका असर देखा गया।
क्या खासियत है इन बमों की
इस हाई कैलिबर बम की खासियत यह होती है कि इनका साइज काफी बड़ा होता है और स्वाभाविक तौर पर इऩसे विनाश भी काफी होता है। इनमें पारंपरिक विस्फोटकों की जगह बहुत अधिक मात्रा में उन्नत और उच्च तीव्रता वाले रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के बमों का इस्तेमाल बंकरों, सैन्य अड्डों और रनवे को तबाह करने के लिए किया जाता है।

















