महाराष्ट्र में बांद्रा स्टेशन (पूर्व) के पास गरीब नगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अवैध मस्जिद और निर्माणों को गिराए जाने के मामले में चौंकाना वाला खुलासा हुआ है। आतंकवादी अवैध मस्जिद गिराने का बदला लेने के लिए मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों पर आतंकी हमला करने वाले थे। इन्होंने पाकिस्तान में इसकी साजिश रची थी। दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित आईएसआई-आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर इस मामले में 30 मई को चार राज्यों से नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। इन पर दिल्ली, मुंबई समेत अन्य शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा एजेंसियों और पुलिसकर्मियों पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। दरअसल, गरीब नगर में अवैध निर्माणों को गिराने के लिए 19 से 23 मई के बीच अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया था। इस दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत 10 लोग घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके हालात पर काबू पाया।
क्या है असली कहानी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित आईएसआई-आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इसके सदस्यों ने खुलासा किया है कि उन्होंने बांद्रा स्टेशन (पूर्व) के पास गरीब नगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत ध्वस्त की गई अवैध मस्जिद का बदला लेने के लिए मुंबई पुलिसकर्मियों और सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करने की साजिश रची थी। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्होंने इस मामले में एक नेपाली नागरिक समेत आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इस मॉड्यूल को मुंबई में पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड से हमला करने और अंधाधुंध गोलीबारी करने का काम सौंपा गया था। मुंबई निवासी हुजैफा ने स्थानीय गुर्गों को इस मॉड्यूल में भर्ती किया था। वह अभी तक फरार है।
आरोपियों के मुंबई अंडरवर्ल्ड से भी लिंक
दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकी मॉड्यूल के सदस्य दिल्ली, मुंबई और दूसरे बड़े शहरों में आतंकी हमला करने के इरादे से आए थे। आठ सदस्य दिल्ली, मुंबई और पंजाब के रहने वाले हैं, जबकि एक नेपाली नागरिक है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के मुंबई अंडरवर्ल्ड से भी लिंक हैं। आरोप है कि ये सभी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कहने पर हमले करने आए थे। इनके पास से ग्रेनेड और हथियार भी बरामद किए गए हैं।
पुलिसकर्मियों के वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गईं
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन आरोपियों ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों के वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान में अपने आकाओं को भेजी थीं। यह साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, गैंगस्टर शहजाद भट्टी, यावर खान और अंडरवर्ल्ड के सरगना छोटा शकील के करीबी सहयोगी मुन्ना झिंगड़ा द्वारा रची गई थी। इन्होंने पुलिसकर्मियों और हिंदू समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाने की साजिश रची थी।
फोन में आकाओं के साथ हुई चैट, वॉयस नोट मिले
अधिकारी ने यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल यूनिट ने 27 मई को मुंबई के कुर्ला से साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान और ठाणे जिले के मुंब्रा से तौकीर रिजवान शेख को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि दोनों ने दादर रेलवे स्टेशन के बाहर एक भीड़भाड़ वाले पुल को हमला करने के चुना था। आरोपियों से जब्त किए गए मोबाइल फोन में मुंबई के कई स्थानों के वीडियो के साथ पाकिस्तान और दुबई में उनके आकाओं के साथ हुई चैट और वॉयस नोट भी मिले हैं।
दाऊद इब्राहिम के लिए काम कर चुका है झिंगड़ा
मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र एटीएस हाई अलर्ट पर हैं और नेटवर्क से जुड़े स्थानीय संपर्कों की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य साजिशकर्ता झिंगड़ा पाकिस्तान के कराची से यह गिरोह संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, झिंगड़ा ने साल 2000 में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के इशारे पर बैंकॉक में गैंगस्टर छोटा राजन पर हमला किया था और बाद में थाईलैंड की जेल में 17 साल बिताए थे।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी कार्रवाई
बांद्रा के गरीब नगर में पांच दिनों तक (19 से 23 मई) रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माणों को हटाने का अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया थ। यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों ने कई वर्षों से रेलवे की जमीन पर कब्जा कर रखा था। अभियान के तहत यहां 700 अवैध झुग्गियों और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी। हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को अपने अंतिम आदेश में वैध या कानूनी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हुए अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी थी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, जिनमें सिटी पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लगभग 1000 कर्मी शामिल थे।
















