पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल: सीमा पर BSF ने फेंसिंग लगाने का काम शुरू किया, स्थानीय लोग बोले-‘अब बांग्लादेशी नहीं काट पाएंगे फसल’

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार बनते ही बीएसएफ को जमीन सौंप दी गई। अब भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम तेजी से चल रहा है। मुर्शिदाबाद के देवा और सकारपाड़ा गांव के किसानों को मिली फसल लूट से राहत की उम्मीद।

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कुलदीप सिंह

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही तेजी से कानून व्यवस्था में सुधार की कोशिशें चल रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने देश की सीमाओं की सुरक्षा और घुसपैठ को रोकने के लिए पहले ही दिन बीएसएफ को जमीन देने का ऐलान कर दिया था। जमीन मिलने के बाद अब बॉर्डर इलाकों में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग लगाने का काम तेजी बीएसएफ ने शुरू कर से चल रहा है।

बीएसएफ द्वारा सीमा पर फेंसिंग लगाने से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। उन्होंने बीएसएफ की टीम का स्वागत भी किया। कई सालों से खेतों में बांग्लादेशी किसानों द्वारा फसल काटकर ले जाने की शिकायतें थीं। अब फेंसिंग से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।

फेंसिंग कहां हो रही

देवा गांव में बॉर्डर इलाके में फेंसिंग लगाने का काम शुरू हो गया है। मुर्शिदाबाद जिले के जलंगी बाजार में जीरो लाइन पर बसा सकारपाड़ा गांव भी इसी समस्या से जूझ रहा था। यहां करीब 4,000 लोगों की आबादी है और 2,500 मतदाता हैं। इनमें 95% लोग खेती पर निर्भर हैं। गांव का भूगोल काफी संवेदनशील है — घर खत्म होते ही खेत शुरू हो जाते हैं और खेत खत्म होते ही बांग्लादेश शुरू।

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स्थानीय लोगों की पुरानी परेशानी

ग्राम पंचायत सदस्य पिंटू मंडल का घर गांव के सबसे आखिरी छोर पर है। उनके परिवार के पास 30 बीघा जमीन है। पिंटू बताते हैं कि शाम 5 बजे के बाद उन्हें अपने खेतों में जाने की इजाजत नहीं थी। लेकिन बांग्लादेश के लोग किसी भी समय घुस आते थे और फसल काटकर ले जाते थे। बीते 30 साल में ऐसा कोई महीना नहीं गया जब इस बात को लेकर विवाद न हुआ हो। स्थानीय लोग रात को फसल छोड़कर जाते थे तो सुबह तक बचने की उम्मीद लगाए रखते थे। बीएसएफ जवान माइक से चेतावनी देते थे, लेकिन पूरी रोकथाम नहीं हो पाती थी। अब फेंसिंग लगने से लोग उम्मीद जता रहे हैं कि उनकी फसल सुरक्षित रहेगी और वे चैन की नींद सो सकेंगे।

नई सरकार में तेजी आई

नई सरकार बनने के बाद बीएसएफ को बॉर्डर की 27 किलोमीटर जमीन दी जा चुकी है। इसमें 18 किलोमीटर में फेंसिंग लगानी है और 9 किलोमीटर में बॉर्डर आउट पोस्ट बनाने की योजना है। काम की शुरुआत जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, सिलिगुड़ी, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती जिलों से हुई है। पिछले 10 दिनों में कुछ जगहों पर बांग्लादेशी लोगों ने सीमांकन का काम रोकने की कोशिश की, लेकिन बीएसएफ ने चेतावनी देकर उन्हें वापस भेज दिया।

सीमा की लंबाई

भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,097 किलोमीटर लंबी सीमा है। केंद्र सरकार के मुताबिक करीब 3,240 किलोमीटर पर पहले ही बाड़ लग चुकी है। बाकी करीब 850 किलोमीटर पर काम बाकी है, जिसमें 175 किलोमीटर दुर्गम इलाका भी शामिल है। पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के साथ 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जो भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी राज्य सीमा है। 2021 में केंद्र सरकार ने बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया था।

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