गोविंद घाट / घांघरिया। उत्तराखंड के प्रसिद्ध श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर बीती रात से लगातार हुई भारी बर्फबारी के कारण पूरा पैदल मार्ग बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर रास्ता बेहद फिसलन भरा और खतरनाक हो गया, जिससे दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालात इतने चुनौतीपूर्ण थे कि कई श्रद्धालु खौफ के कारण एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे।
सूचना मिलते ही मोर्चे पर उतरी घांघरिया पुलिस
जैसे ही इस खतरनाक स्थिति की सूचना चौकी घांघरिया पुलिस को मिली, चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह ने बिना कोई समय गंवाए अपनी टीम के साथ स्वयं मोर्चा संभाल लिया।
पुलिस के जवानों का सराहनीय कार्य:
- बर्फबारी के बीच यात्रा मार्ग पर पहुंचे पुलिस जवानों ने खुद को केवल निगरानी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वयं श्रद्धालुओं के बीच उतरकर उनका हाथ थाम लिया।
- बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को विशेष सहायता प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित किया कि कोई भी श्रद्धालु असुरक्षित महसूस न करे।
- कड़ाके की ठंड, लगातार गिरती बर्फ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अमनदीप सिंह एवं उनकी टीम घंटों तक यात्रा मार्ग पर डटे रहे।
आखिरी 4 किमी की खतरनाक चढ़ाई बनी सबसे बड़ी चुनौती
उल्लेखनीय है कि हेमकुंड गुरुद्वारे तक पहुंचने के लिए आखिरी 4 किमी की चढ़ाई सबसे अधिक खतरनाक और फिसलन भरी है। यहीं पर श्रद्धालु गिरने के डर से रुक जा रहे थे। ऐसे नाजुक समय में पुलिस ने आगे बढ़कर उनका हाथ पकड़ा, उनकी हिम्मत बंधाई और एक-एक कर सभी को सुरक्षित रास्ता पार कराया।
पुलिस के इस मानवीय और समर्पित प्रयास ने न केवल श्रद्धालुओं का सफर आसान बनाया, बल्कि इस बर्फीले तूफान के बीच उन्हें सुरक्षा और पूर्ण विश्वास का भी एहसास कराया।
“पुलिस ने निभाई एक संरक्षक की भूमिका”
श्रद्धालुओं ने घांघरिया पुलिस के इस सराहनीय और निस्वार्थ कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। भावुक होते हुए श्रद्धालुओं ने कहा कि, “कठिन समय में पुलिस ने केवल अपनी ड्यूटी ही नहीं निभाई, बल्कि एक सच्चे ‘संरक्षक’ की भूमिका निभाते हुए हमारा हाथ थामकर सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।”

















