देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने देहरादून में सांसदों और विधायकों को पार्टी का ‘विचार परिवार’ बढ़ाने की दृष्टि से विधानसभावार कार्ययोजना में सक्रिय भूमिका निभाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, पूर्व में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनावों में हारी हुई सीटों पर विशेष चर्चा की गई और वहां प्रवास के लिए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा रही है।
गांव-गांव पहुंचेगा 12 साल के विकास कार्यों का ब्योरा
प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित इस अहम बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि आज राष्ट्रीय अध्यक्ष का विस्तृत मार्गदर्शन सांसदों और विधायकों को प्राप्त हुआ है।
बैठक के प्रमुख दिशा-निर्देश:
- ग्राम संपर्क अभियान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के ऐतिहासिक कार्यों की चर्चा गांव-गांव तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए सभी सांसदों और विधायकों को ग्रामीण स्तर पर सघन जनसंपर्क करने को कहा गया है।
- बुद्धिजीवियों से संवाद: प्रत्येक विधानसभा के 100 बुद्धिजीवी, प्रभावशाली एवं विशिष्ट लोगों की सूची बनाकर उनसे संपर्क करना है, ताकि पार्टी के ‘विचार परिवार’ का अधिक से अधिक विस्तार हो सके।
- समन्वय: सरकार और संगठन के बीच समन्वय को और अधिक बेहतर बनाने की दृष्टि से कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।
बूथ सशक्तिकरण: भाजपा की चुनावी रणनीति का आधार
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बूथ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर ‘बूथ टोली’ के गठन का सत्यापन अब तक नहीं हुआ है, विधायकगण मंडल संगठन के साथ मिलकर उन बूथों को सशक्त करें और इसे पूरा करते हुए अपने सुझाव भी दें।
चूंकि भाजपा की चुनाव पद्धति पूरी तरह से ‘बूथ आधारित’ है, लिहाजा चुनाव की दृष्टि से बूथ और उस पर रहने वाला कार्यकर्ता कैसे सशक्त हो, इस पर विशेष और गहन मार्गदर्शन दिया गया।
उपलब्धियों का पंपलेट और 2027 का लक्ष्य
संगठन ने तय किया है कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा हर हाल में जनता तक ले जाना जरूरी है। वर्तमान राज्य सरकार का 5 वर्ष का कार्यकाल और भाजपा सरकार का पिछला 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है।
- विधायकगण अपने द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्यों और सरकार के 10 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर एक छोटा पाम्पलेट या पत्रिका छपवाकर बंटवाएं।
- इस पत्र-पत्रिका को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।
बैठक में सभी सांसदों और विधायकों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन सभी सुझावों को 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के लिए प्रभावी माना जा रहा है और इसी दृष्टि से संगठन आगे की कार्ययोजना तैयार करेगा।
हारी हुई और कम अंतर वाली सीटों पर ‘स्पेशल फोकस’
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विशेष रूप से उन सीटों को लेकर भी रणनीतिक मार्गदर्शन दिया, जहां पार्टी चुनाव जीत नहीं पाई थी या जहां जीत का अंतर बहुत कम रहा था।
ऐसी विधानसभा सीटों के लिए पार्टी राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों को अतिरिक्त दायित्व सौंपेगी। इसके अलावा, चुनाव जीतने की पुख्ता रणनीति के तहत इन विधानसभाओं में पहले की तरह संगठन की ओर से पूर्णकालिक कार्यकर्ता (Full-time workers) भी भेजे जाएंगे, जो जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करेंगे।

















