यं वैदिका मन्त्रदृशः पुराणा इन्द्रं यमं मातरिश्वानमाहुः ।
वैदान्तिनोऽनिर्वचनीयमेकं यं ब्रह्मशब्देन विनिर्दिशन्ति ।।
हिन्दी अर्थ
मन्त्रद्रष्टा प्राचीन वैदिकों ने जिस परमात्मा को इन्द्र यम तथा वायु कहा,
वेदान्तशास्त्री जिस एक (अनिर्वचनीय) परमात्मा को ब्रह्म शब्द से व्यवहृत करते हैं।

















