जर्मनी: स्कूल में सेक्स एजुकेशन क्लास में बच्चों को “सभी के लिए ब्राथल” डिजाइन करने का असाइनमेंट देने पर मचा बवाल 
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जर्मनी: स्कूल में सेक्स एजुकेशन क्लास में बच्चों को “सभी के लिए ब्राथल” डिजाइन करने का असाइनमेंट देने पर मचा बवाल 

जर्मनी में एक स्कूल में सेक्स एजुकेशन की क्लास में बच्चों को दिए गए एक असाइनमेंट से अभिभावकों के बीच नाराजगी फैल गई है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Mahak Singh
May 28, 2026, 05:49 pm IST
in विश्व
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

जर्मनी में एक स्कूल में सेक्स एजुकेशन की क्लास में बच्चों को दिए गए एक असाइनमेंट से अभिभावकों के बीच नाराजगी फैल गई है। दरअसल इस क्लास में उनके कोर्स के एक हिस्से के रूप में उन्हें “सभी के लिए ब्राथल” डिजाइन करने के लिए कहा गया। कम उम्र के बच्चे हैं ये सभी बच्चे 13 से 15 वर्ष के बीच के हैं और यह हुआ है डच बॉर्डर के पास उत्तरी राइन वेस्टफेलिया में एक छोटे कस्बे केवेलेयर, में, जिसकी आबादी महज 28000 है। मीडिया के अनुसार इस छोटे शहर में मुख्य रूप से रोमन कैथोलिक लोग रहते हैं; ये लोग हर साल एक बार वर्जिन मैरी का सम्मान करने के लिए इस कस्बे में एकसाथ आते हैं। इस तरह के धार्मिक स्वभाव के बाद भी स्कूल ने ऐसा काम दिया है, जिसे लोग नैतिक रूप से सही नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्यावृत्ति के इर्दगिर्द यह असाइनमेंट किशोरों को दे दिया है।

विवादित शैक्षणिक असाइनमेंट

इसमें बच्चों को यह कल्पना करने के लिए कहा गया कि वे सोचें कि वे किसी बड़े शहर में ब्राथल के मैनेजर है और वे कैसे काम कर रहे हैं। इसमें ““Puff für alle,” शीर्षक है, जिसमें “Puff” का जर्मनी में अर्थ ब्राथल के लिए स्लैंग होती है और जो बच्चों की वर्क्बुक लीक हुई उसमें ब्राथल के विषय में ही नहीं लिखना है, बल्कि उसे “इन्क्लूसिव अर्थात समावेशीकरण” वाला भी बनाने के लिए कहा गया है। दरअसल इस पूरे कोर्स का असाइनमेंट मीडिया में लीक होगया और फिर उससे हंगामा हुआ। इस असाइनमेंट के परिचय के अनुसार बच्चों से कहा गया कि वे ग्रुप में मिलकर, एक बड़े शहर में पहले से मौजूद एक ब्राथल को “आधुनिक” बनाएँ। इसका फ़्लोर प्लान पहले से तय है और इसे बढ़ाया नहीं जा सकता (वर्कशीट देखें: आधुनिक बनाए जाने वाले ब्राथल का फ़्लोर प्लान)। बनावट से जुड़े कारणों से, अंदर के हिस्से में, दीवारों समेत, कोई भी बदलाव करना मुमकिन नहीं है। सिर्फ़ दरवाज़े और सीढ़ियाँ लगाने की ही इजाज़त है। इस आधुनिकीकरण के तहत, अब आपको एक “सभी के लिए ब्राथल” या ज़्यादा सही शब्दों में कहें तो, “यौन संतुष्टि के लिए एक आनंद-घर” — बनाना है।

लीक हुए यौन शिक्षा पाठ्यक्रम पर विवाद और जन आक्रोश

जो शीट मीडिया में लीक हुई हैं, उनके अनुसार बच्चों से कई आपत्तिजनक प्रश्न भी पूछे गए हैं और आपत्तिजनक कार्य की योजना बनाने के लिए कहा गया है, कि किसी ब्राथल में कैसी और कौन सी सेवाएन दी जाती हैं और वैश्याओं के पास कौन से हुनर होने चाहिए। यह पूरी प्रक्रिया एक व्यापक पाठ्यक्रम का हिस्सा था, जिसका शीर्षक था- “विविधता की यौन शिक्षा: पहचान, संबंधों, शरीरों और रोकथाम पर स्कूलों तथा युवा कार्यों के लिए व्यावहारिक तरीके अर्थात ““Sexual Education of Diversity: Practical Methods on Identities, Relationships, Bodies, and Prevention for Schools and Youth Work.”
लोगों के भीतर गुस्सा फैला है, इस कोर्स के सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का यह कहना है कि आखिर बच्चों को उनकी नाजुक उम्र में स्कूल में कैसे ऐसे आपत्तिजनक कार्यों में लगाया जा रहा है। ये कैसे उनके दिमाग से खेला जा रहा है।

यौन शिक्षा विवाद पर स्कूल की सफाई और पहले के मामलों का उल्लेख

मीडिया के अनुसार स्कूल की तरफ से पहले यही कहा गया कि यह कोर्स बदलते समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। हालांकि जिस प्रकार से अभिभावकों ने इस कोर्स पर प्रश्न उठाएं और विरोध किया, तो स्कूलवालों ने पुष्टि की कि वे अब असाइनमेंट को दोबारा इशू नहीं करेंगे।  मीडिया के अनुसार ऐसा नहीं है कि पहली बार वैश्यावृत्ति को जर्मनी में बच्चों की पढ़ाई में शामिल किया गया हो। यह पहले भी हो चुका है। 2023 में बर्लिन शहर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बच्चों को प्रॉस्टिट्यूशन पर एक ग्राफ़िक पिक्चर बुक देकर वहाँ के लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया था। इस किताब का नाम ‘रोज़ी नीड्स मनी’ (Rosi sucht Geld) था, और इसे 6 से 12 साल के बच्चों के लिए एक रिसोर्स के तौर पर प्रमोट किया गया था; इसमें इस्तेमाल की गई पेंटिंग्स उसी कम्युनिटी के बच्चों ने बनाई थीं।

मजे की बात यह है कि इस कहानी को कहने वाली मरियम थी, जिसका परिवार सीरिया से जर्मनी आकर बस गया था। मरियम कहानी सुनाती है कि कैसे वह और उसका दोस्त मार्टिन रोजी नामकी एक बुल्गारियाई महिला रोजी को खोज रहे हैं, जो सेक्स ट्रेड में है। इसे लेकर भी बहुत हंगामा हुआ था क्योंकि इसमें बच्चों को तस्वीरों केमाध्यम से बताया गया था कि रोजी क्या करती है और कैसे वह सब घर में मॉम और डैड के बीच के रिश्ते से अलग है। Reduxx पोर्टल के अनुसार जब उन्होनें इसकी रिपोर्ट की थी तो उसे वापस ले लिया गया था।

जर्मनी में बाल यौन शिक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलते विवादित दावे और जन प्रतिक्रिया

मगर सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि जर्मनी में विभिन्न शहरों में बच्चों के साथ ऐसे पर्योग लगातार होते रहते हैं। 2023 की ही एक खबर के अनुसार जर्मनी में डेकेयर सेंटर ऐसे भी थे जो छोटे बच्चों के बीच सेक्शुअल एक्सपलोरेशन कमरों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करते थे, जहां पर छोटे बच्चों को एक दूसरे को छूने के लिए कहा जाता था।  लोगों के दिलों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि बच्चों के साथ ऐसा प्रयोग बचपन से ही स्कूल में क्यों होने लगता है?

 

Topics: Social Media ReactionGermany sex education controversyschool assignment brathelsex education debateKevelaer school controversy
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