नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होने के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुश्किलों से घिर गई हैं। TMC के भीतर अंदरूनी कलह काफी बढ़ गई है। तृणमूल कांग्रेस की यह आतंरिक कलह अब खुलकर बाहर आ गई है। लेकिन ममता बनर्जी अभी तक इस पर चुप्पी साधे हुए है। उनकी पार्टी पर उनके ही नेता महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगा रहे हैं।
कल्याण बनर्जी पर गाली-गलौज और बदसूलकी के आरोप
TMC की नेता काकोली घोष ने अपने ही सहयोगी सांसद कल्याण बनर्जी पर संसद के अंदर बदसलूकी, गाली-गलौज और महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। पत्र में काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से अपनी पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। बारासात से चार बार सांसद रह चुकीं काकोली घोष ने अपने पत्र में लिखा कि कल्याण बनर्जी ने कई बार लोकसभा के भीतर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत दर्ज कराने की मांगी अनुमति
काकोली घोष का आरोप है कि यह सिर्फ उनके साथ नहीं, बल्कि कई महिला सांसदों के खिलाफ ‘महिला विरोधी मानसिकता’ का हिस्सा है और ऐसे व्यवहार को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति भी मांगी है। इस मामले पर अभी तक कल्याण बनर्जी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। TMC के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है और पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
काकोली ने सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया
काकोली घोष पहले ही TMC के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे चुकी हैं। हालांकि उन्होंने अभी सांसद पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता नहीं छोड़ी है। उन्होंने टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को लिखे पत्र में अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष समेत सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया था। अपने इस्तीफे वाले पत्र में काकोली ने पार्टी के अंदर के माहौल पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने राशन घोटाले, भर्ती अनियमितताओं और वित्तीय व प्रशासनिक गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों से आम लोगों के बीच गुस्सा और अविश्वास बढ़ा है।
काकोली घोष आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पूर्व छात्रा रहीं हैं। उन्होंने वहां की एक महिला डॉक्टर के रेप और हत्या मामले का भी जिक्र किया है और कहा कि इस घटना में लीपापोती की कोशिश ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर झकझोर दिया। हाल ही में काकोली घोष को TMC संसदीय दल के चीफ व्हिप पद से हटाया गया था और यह जिम्मेदारी फिर से कल्याण बनर्जी को दे दी गई थी।

















