नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को दावा किया कि कम से कम 20 सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करने का फैसला किया है। इस संबंध में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है। पश्चिम बंगाल के बारासात लोकसभा क्षेत्र की सांसद काकोली घोष ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि 20 सांसदों की ओर से पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा जा चुका है, जिसमें केंद्र की सत्तारूढ़ राजग सरकार का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की गई है।
घोष ने कहा कि वे लोकसभा में टीएमसी की मुख्य सचेतक हैं और यह निर्णय अन्य सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्य सचेतक पद से हटाने का फैसला मनमाना और एकतरफा था। पार्टी अध्यक्ष ने भले ही मेरे स्थान पर किसी और की नियुक्ति की घोषणा कर दी हो, लेकिन इससे संवैधानिक और संसदीय स्थिति रातोंरात नहीं बदल जाती। हमने जनता के जनादेश को स्वीकार किया है। हमारा मानना है कि भविष्य में हमारी राजनीतिक दिशा राजग के साथ होनी चाहिए। वर्तमान में संसद के दोनों सदनों में टीएमसी के कुल 40 सांसद हैं। टीएमसी के लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 12 सदस्य हैं। सुखेंदु शेखर रॉय ने आज ही टीएमसी और राज्यसभा सदस्य़ता से इस्तीफा दे दिया है। बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के साथ बैठक की है।
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इन सांसदों में बापी हलदार (मथुरापुर), जून मालिया (मेदिनीपुर), जगदीश बसुनिया (कूचबिहार), कालीपदा सोरेन (झाड़ग्राम), अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा), पार्थ भौमिक (बैरकपुर), शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व), डॉ. काकोली घोष दस्तीदार (बारासात), प्रसून बनर्जी (हावड़ा), शताब्दी रॉय (बीरभूम), असीत माल (बोलपुर) शामिल हैं।यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर संकट लगातार गहराता जा रहा है। पश्चिम बंगाल की विधानसभा में भी टीएमसी के 80 विधायकों में से 58 ने असंतोष जताया है। विधानसभा अध्यक्ष ने उनको सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की है।
















