भुवनेश्वर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की एक-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक बुधवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित ‘शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान’ विश्वविद्यालय में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से आए प्रमुख पदाधिकारियों और प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की भूमिका, सामाजिक एवं आर्थिक विषयों, संगठनात्मक विस्तार और समसामयिक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल में हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के समर्थन में जनमानस के अभिनंदन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ बैठक का शुभारंभ
बैठक का शुभारंभ अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यसमिति बैठक को संगठन की भावी दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।

शिक्षा, युवाओं और राष्ट्रीय मुद्दों पर मंथन
बैठक के दौरान वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं की भूमिका, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं की भूमिका और शिक्षा के भारतीयकरण पर विशेष जोर दिया। अभाविप द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों की भी समीक्षा की गई। इनमें ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम अभियान’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, ‘छात्रावास सर्वेक्षण अभियान’, ‘प्राध्यापक यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष’, ‘आपातकाल निषेध के 50 वर्ष’, ‘श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष’ तथा ‘संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव’ जैसे विषय प्रमुख रहे।
बैठक में इन अभियानों को और प्रभावी बनाने, संगठनात्मक स्तर पर उनके अनुवर्तन तथा युवाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

पश्चिम बंगाल पर अभिनंदन प्रस्ताव
बैठक में “हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को परास्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनः स्थापना के लिए पश्चिम बंगाल के जनमानस का अभिनंदन” विषयक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। अभाविप ने पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में दिए गए जनादेश का स्वागत किया।
देशभर से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर भी चिंतन-मंथन किया। इन विषयों पर आगामी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद विभिन्न प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि, “संगठन की आगामी दिशा तय करने के लिए गत वर्षों का सिंहावलोकन और वर्तमान परिस्थितियों का आकलन अत्यंत आवश्यक है; इसमें केंद्रीय कार्यसमिति की इस बैठक का महती स्थान है। द्वारका और श्रृंगेरी में आयोजित संगठनात्मक विचार बैठकें इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही हैं, जो आज की आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मील का पत्थर सिद्ध हुई हैं। इस वर्ष ‘प्राध्यापक यशवंतराव केलकर जी’ की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में देशभर में हुए प्रबोधन कार्यक्रमों ने कार्यकर्ताओं को उनके आदर्शों और कार्य पद्धति से जोड़कर नई प्रेरणा दी है, जो आज के समय में ज़रूरी है। शैक्षिक क्षेत्र में अभाविप का यह स्पष्ट मत है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था भारतीय दर्शन एवं मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, जो युवा पीढ़ी के सर्वांगीण एवं समग्र विकास को सुनिश्चित करने वाले एक एकीकृत शिक्षा तंत्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे।”

शैक्षिक विसंगतियों और शहरी नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष जारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में आए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि, “वर्तमान में जब भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है, तब अभाविप, चाहें वह नक्सलवाद का खात्मा हो या शिक्षा में व्याप्त विसंगतियाँ, इनके समाधान के लिए रचनात्मक आंदोलन और संघर्ष के माध्यम से कार्य कर रही है। तेलंगाना में छात्रवृत्ति की लड़ाई हो, नीट पेपर लीक का विषय हो, मुंबई में पेपर लीक के विरुद्ध आंदोलन हो या दिल्ली एवं पंजाब विश्वविद्यालय में छात्रसंघों के माध्यम से किए जा रहे नवाचार, अभाविप ने सदैव ही विद्यार्थी हित में कार्य किया है। त्रिपुरा में जनजातीय छात्र सम्मेलन, ओडिशा में छात्रा संसद, तमिलनाडु में विधि छात्र सम्मेलन और देशभर में ‘मिशन साहसी’ के अंतर्गत दस लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना, अभाविप की बढ़ती स्वीकार्यता एवं विस्तार का प्रमाण है। इस बैठक में हमने पश्चिम बंगाल में हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए जनमानस के अभिनंदन का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया है। यह बैठक हमें उस आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टि से ओत-प्रोत करेगी, जिससे हम अपने-अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक गति के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प को पूर्ण कर सकें।”












