पश्चिम बंगाल में टीएमसी के पाले गुंडों के द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में अब कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ी है। उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा मामले में सीबीआई ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां घटना के करीब सात साल बाद हुई हैं। इससे पहले राज्य सीआईडी ने शेख शाहजहां समेत कई आरोपियों को बेगुनाह करार दे दिया था।
क्या था मामला?
मामला कुछ यूं है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद 8 जून 2019 को संदेशखाली में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी। हत्या गोली मारकर और धारदार हथियारों से की गई। पुलिस के मुताबिक, ये घटना झंडा हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी। तीनों कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर भाजपा के लिए काम करते थे।
शुरुआती जांच और कोर्ट में अपील
शुरू में इस मामले की जांच राज्य की सीआईडी कर रही थी। जांच रिपोर्ट और चार्जशीट में शेख शाहजहां समेत 28 लोगों के नाम हटा दिए गए थे। इससे मृतकों के परिवार वाले काफी नाराज हुए। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया और सीबीआई जांच की मांग की। कोर्ट के आदेश के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने लंबे समय तक सबूत जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इसी आधार पर हाल ही में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार लोगों में कौन शामिल?
गिरफ्तार किए गए लोगों में एक नाम काफी ध्यान खींच रहा है। पूर्व टीएमसी नेता शेख शाहजहां का करीबी कादेर मोल्ला भी इसमें शामिल है। शेख शाहजहां का नाम संदेशखाली के दूसरे विवादों में भी आ चुका है। वह ममता बनर्जी के खास करीबियों में से एक था। सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि ये गिरफ्तारियां लंबे समय की मेहनत के बाद हुई हैं। उन्होंने सुबूतों, गवाहों और अन्य जानकारी को अच्छे से जांचा।
संदेशखाली का बैकग्राउंड
संदेशखाली बंगाल का वो इलाका है जहां 2019 के बाद से कई बार हिंसा और राजनीतिक तनाव की खबरें आई हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले, महिलाओं से जुड़े आरोप और जमीन से जुड़े विवाद वहां अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस मामले में भी वही इलाका और वही समय है। अभी तक गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
















