वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और हाईटेक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अपर निदेशक आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त (वाराणसी) मोहित अग्रवाल और अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) तरुण गाबा ने कुछ दिनों पूर्व धाम क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ढांचागत बदलाव और सुगम आवागमन की रूपरेखा
धाम क्षेत्र की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए भौतिक ढांचे में कई बदलाव किए जाएंगे:
- काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की परिधीय (बाउंड्री) दीवारों की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
- भैरव गेट पर श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रभावी नियंत्रण एवं व्यवस्थित आवागमन के लिए आधुनिक स्लाइडिंग गेट स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
- उड़पी क्षेत्र एवं गंगा द्वार से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुगम वापसी के लिए प्रमुख द्वार संख्या-4 के निकट, प्रशासनिक भवन के बगल से वैकल्पिक मार्ग संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
टेक्नोलॉजी से लैस होगी निगरानी व्यवस्था (AI और ड्रोन)
सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। कंट्रोल रूम को नई तकनीकों से सुसज्जित किया जाएगा:
- वर्तमान में मौजूद लगभग 325 सीसीटीवी कैमरों, वॉच टावरों, नाइट विजन उपकरणों एवं वीडियो वॉल सिस्टम के अलावा, ब्लाइंड स्पॉट (अंधेरे या छिपे हुए क्षेत्र) समाप्त करने के लिए एआई (AI) युक्त अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे।
- पूरे धाम क्षेत्र की निगरानी पीटीजेड कैमरों, वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम एवं ड्रोन तकनीक के माध्यम से की जाएगी।
- धाम की गलियों एवं संवेदनशील मार्गों में भी अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
- स्थापित एंटी-ड्रोन सिस्टम की कार्यक्षमता की समीक्षा कर, वहां प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती तथा आकस्मिक प्रतिक्रिया योजना (Emergency Response) को और मजबूत किया जाएगा।
सुरक्षाबलों की तैनाती और सख्त एक्सेस कंट्रोल
धाम क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ एवं अन्य अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी (छतों पर तैनाती) लगाकर 24 घंटे सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले सभी श्रद्धालुओं, कर्मचारियों एवं सुरक्षाकर्मियों की कड़ी जांच सुनिश्चित की जाएगी। एक्सेस कंट्रोल प्रणाली को मजबूत करते हुए सभी प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंधित वस्तुओं की स्पष्ट सूची वाले बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
गंगा घाटों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
जलमार्ग सुरक्षा: गंगा घाटों एवं जलमार्ग की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा। मोटर बोट की उपलब्धता बढ़ाने तथा घाटों पर सघन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम दर्शन-पूजन के लिए प्रवेश एवं निकास मार्गों पर व्यापक बैरिकेडिंग की जाएगी। चरणबद्ध भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू होगी और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे।

















