जिहादी मानसिकता के आगे झुकी पाकिस्तान सरकार: नहीं लौटाए जाएंगे लाहौर में पुराने हिंदू नाम
August 22, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

जिहादी मानसिकता के आगे झुकी पाकिस्तान सरकार: नहीं लौटाए जाएंगे लाहौर में पुराने हिंदू नाम

इस्लामपुर को कृष्णनगर किये जाने की योजना थी, सुन्नत नगर को संत नगर और मुस्तफाबाद को धर्मपुरा, तो वहीं मौलाना ज़फ़र अली खान चौक को लक्ष्मी चौक किये जाने की योजना थी।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
May 27, 2026, 08:43 am IST
inविश्व
पाकिस्तान में स्थानों के नाम हिंदू करने की घोषणा वापस ली गई

पाकिस्तान में स्थानों के नाम हिंदू करने की घोषणा वापस ली गई

पिछले दिनों पाकिस्तान में पंजाब प्रांत में लाहौर के कई स्थानों के गैर-इस्लामिक नामों की वापसी को लेकर बहुत शोर मचा था। इस्लामपुर को कृष्णनगर किये जाने की योजना थी, सुन्नत नगर को संत नगर और मुस्तफाबाद को धर्मपुरा, तो वहीं मौलाना ज़फ़र अली खान चौक को लक्ष्मी चौक किये जाने की योजना थी। यही नाम इन स्थानों के पहले थे। मगर विभाजन के बाद जब हिन्दू और सिख ही पाकिस्तान में वांछित नहीं हैं तो ये नाम कैसे हो सकते थे?

कुछ अंग्रेजों के नाम पर भी स्थानों के नाम थे, और उन्हें भी वापस किये जाने की योजना थी, जिसे लेकर पाकिस्तान की उदार छवि पेश की जाती। मगर जैसे ही यह खबर सामने आई थी कि पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार कुछ स्थानों के नाम पूर्ववत कर रही है अर्थात 1947 से पहले का कर रही है तो वैसे ही एक तरफ तो वाहवाही हुई कि उसका कितना उदार दिल है, मगर मरियम नवाज और नवाज शरीफ द्वारा संयुक्त रूप से अध्यक्षता वाली बैठक में अनुमोदित इस प्रस्ताव को लेकर सरकार अपने कदम वापस ले रही है।

लाहौर हेरिटेज एरियाज़ रीवाइवल कमिटी ने अब इस घोषणा से अपने पैर वापस खींच लिए हैं और लाहौर के डेप्यूटी कमिश्नर कैप्टन आर मोहम्मद अली इजाज ने कहा कि “इस तरह का कोई भी निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।“  जब उन्हें यह याद दिलाया गया कि इस आशय की तो घोषणा ही नवाज शरीफ और मरियम नवाज कर चुके हैं तो इजाज ने कहा कि यह मामला अभी भी “विचाराधीन है।“

ऐसा क्यों हुआ?

अब यह प्रश्न उठ खड़ा होता है कि ऐसा क्यों हुआ? दरअसल जैसे ही यह घोषणा हुई वैसे ही ऐसा कहा जाता है कि सरकार की आलोचना होने लगी और इसे मजहबी रंग दिया जाने लगा।

सोशल मीडिया पर इंफ्लुएंसर्स और कट्टरपंथियों ने इस निर्णय की आलोचना करनी शुरू कर दी। ऐसा कहा गया कि यह मजहब विरोधी काम है। क्योंकि जो भी नाम वर्तमान में हैं वे सभी इस्लामिक नाम हैं तो वहीं जो नाम पुराने प्रस्तावित थे, वे सिख और हिन्दू पहचान के थे। तो यह आरोप लगने लगा कि पंजाब सरकार महजब का अपमान कर रही है।

कट्टरपंथी समूहों ने इसे इस्लामी पहचान का अपमान तो बताया ही, साथ ही यह भी आलोचना की कि इसके माध्यम से हिन्दू-सिख एजेंडे को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना था कि अब पाकिस्तान इस्लामिक मुल्क है, इसलिए यहाँ पर इस्लामिक नाम होने चाहिए। हिन्दू या सिख नामों से क्या मतलब है।

कुछ ने कहा कि जब भारत का विभाजन ही इस आधार पर हुआ था कि पाकिस्तान मुस्लिमों का मुल्क होगा और तो फिर ऐसे में लाहौर में इन जगहों के पुराने नाम करना दो-राष्ट्र सिद्धांत को ही नकार देना है। उनका कहना था कि हमने पाकिस्तान बनाया ही क्यों, अगर यहाँ पर राम और कृष्ण के ही नाम आएंगे।

कुछ का कहना था कि यह भारत के एजेंडे को आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ ने कहा कि यह मुल्क की इस्लामिक पहचान पर प्रहार है।

फिर कुछ ने कहा कि ऐसे नाम इस्लामिक भावनाओं को आहत करते हैं और उन्होनें इस कदम को शिरक और कुफ्र बताया और लोगों को भड़काया कि क्या इसी के लिए शहीदों ने कुर्बानी दी थी कि हिन्दू नाम वापस आएं।

मगर इसके साथ ही यह भी बात सच है कि पाकिस्तान में कट्टरपंथ की राजनीति ही चलती है। पाकिस्तान में उदारवादी कदम उठाना कम से कम अभी तो संभव नहीं है। इस समय कट्टरपंथी मुस्लिम पार्टियां राजनीति के अखाड़े में आने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं तो ऐसे में लोगों को मजहब के नाम पर भड़काने से बेहतर और क्या हो सकता है? और टीएलपी (तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान) ने तो खुली चुनौती ही दे डाली कि अगर नाम वापस हिन्दू किये गए तो अच्छा नहीं होगा।

पाकिस्तान सरकार ने हमेशा कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेके

ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान की सरकार ने पहली बार कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेके हैं, बल्कि यह तो उसकी आदत है। जो 1974 में अहमदी समुदाय को गैर मुस्लिम घोषित करने से लेकर अभी तक चल रहा है। जनरल जिया उल हक ने पहले तो खुद ही कट्टरपंथियों को बढ़ावा दिया तो वहीं बाद में खुद ही इतने कट्टर हो गए कि उन्होनें बेअदबी के कानून को ही ऐसा कानून बना दिया, जिसे लेकर आज तक पाकिस्तान में लिंचिंग तक हो जाती है।

ऐसा कर दिया है कि अगर कोई उसमें सुधार की बात करे तो उसे ही गोली मार दी जाती है, फिर वह कोई भी क्यों न हो। 2011 में पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या उनके गार्ड मुमताज कादरी ने की थी और मुमताज कादिरी को कितनी इज्जत मिली थी, वह भी सभी ने देखा था।

आसिया बीबी पर आए हुए निर्णय के बाद हिंसा को कोई कैसे भूल सकता है। ईसाई आसिया बीबी को अदालत ने बेअदबी के कानून से मुक्त कर दिया, मगर इस फैसले के बाद टीएलपी ने हिंसक प्रदर्शन किया और सरकार झुकी और आसिया बीबी को पाकिस्तान छोड़कर कहीं और जाना पड़ा था।

हाल ही में पाकिस्तान में बाल-निकाह को लेकर कानून लाया जा रहा था, वह भी शायद वापस ले लिया गया है क्योंकि उसमें हिन्दू लड़कियों का मतांतरण करने में बाधा आ सकती थी।

ऐसे एक नहीं तमाम मामले हैं जिनमें पाकिस्तान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेके हैं और अब लाहौर वाला मामला सामने आया है।

 

Topics: पाकिस्तानपाकिस्तान में हिंदूलाहौरहिंदू पहचानइस्लाम नगरहिंदू नामस्थानों के हिंदू नामकृष्ण नगर
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पंजाब में गुरुद्वारे से अपील करते ग्रंथी

“पाकिस्तान दीयां साजिशां दा शिकार होण तो बचन”: पंजाब के गांवों में गुरुद्वारों से लोगों को ISI के खतरों से कर रहे सचेत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मेडिकल जांच में फिट पाए गए, वापस रावलपिंडी जेल भेजा गया

pakistan ex PM Imran khan

अदियाला जेल से शिफा अस्पताल शिफ्ट हुए पूर्व पाकिस्तान PM इमरान खान: जानिए क्या है पूरा मामला?

हॉकी विश्व कप : भारत-पाकिस्तान की टक्कर कल, सेमीफाइनल की दौड़ में भारतीय टीम को ड्रॉ भी काफी

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमला

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ हमले

Load More

ताज़ा समाचार

झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन

‘कपड़े फाड़े, दुपट्टा खींचा’, झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का पुलिस पर गंभीर आरोप

Rahul Gandhi

पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों को पैसे बांटने का आरोप, मुख्यमंत्री ने कहा-छानबीन की जाएगी

बहुआयामी वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर की लिपि-दृष्टि

अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने की बैठक, घुसपैठ रोकने काे बनेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा तंत्र

पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

संतों का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा, देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना प्राथमिकता : सीएम धामी

सज्जन कुमार (फाइल फोटो)

मौत से मिट नहीं जाता गुनाह का न्यायिक इतिहास!

Paper Leak से Power Surplus तक… भजनलाल सरकार ने कितना बदला राजस्थान?- Mehraj Singh Choudhary

Sushasan Samvad: जंतर-मंतर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर क्या बोले Gen-Z? सुनिए छात्रों की राय

CM Yogi Aadityanath

उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी नहीं, सीएम योगी ने लोगों से न घबराने की अपील की

प्रतीकात्मक तस्वीर

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.50 लाख से ज्यादा छात्रों ने भेजे निबंध

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies