पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार ने अवैध घुसपैठियों को लेकर सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। सोमवार को राज्य में दो नए डिटेंशन कैम्प खोले गए। इनके खुलते ही 24 घंटे के अंदर 12 बांग्लादेशी नागरिकों को इन सेंटरों में भेज दिया गया। इनमें से नौ मालदा जिले के इंग्लिश बाजार वाले सेंटर में हैं और तीन मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला में।
ये सेंटर घुसपैठियों की पहचान होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने तक रखने के लिए बनाए गए हैं। सरकार ने पहले ही ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ अभियान की घोषणा की थी। इसके तहत अवैध विदेशी नागरिकों को ढूंढकर वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एक अधिकारी के मुताबिक, इन सेंटरों में सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया है। 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी हो रही है। पुलिस, सिविल डिफेंस के कर्मी और नागरिक स्वयंसेवक तैनात हैं। बंदियों के खाने-पीने और बुनियादी देखभाल की भी व्यवस्था की गई है। मालदा जिले के इंग्लिश बाजार के चंदन पार्क में बना यह सेंटर राज्य का पहला ऐसा केंद्र है। यहां फिलहाल नौ लोग हैं – तीन महिलाएं और छह नाबालिग। इन्हें रविवार को गाजोल के पांडुआ इलाके से कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया था।
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वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके
मुर्शिदाबाद जिले के रानीतला थाना क्षेत्र से सोमवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। ये हैं – मोहम्मद सलीम, मोहम्मद रुबेल और शरीफुल इस्लाम। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, ये लोग भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं पेश कर सके। इन्हें लालगोला के होल्डिंग सेंटर में भेजा गया है।
इंग्लिश बाजार के विधायक अमलान भादुड़ी ने बताया कि नौ बांग्लादेशी नागरिकों को रविवार को नए केंद्र में शिफ्ट किया गया। वहां उनके लिए खाना और जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
आगे क्या होगा?
विधायक के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत इन लोगों को निर्वासन (डिपोर्ट) की औपचारिकताओं के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाएगा। मालदा जिले में सत्यापन और पहचान की प्रक्रिया जारी रहेगी।
पहले ऐसे मामलों में लोगों को सीधे जेल भेज दिया जाता था। अब नया निर्देश है कि विदेशी अधिनियम के तहत पकड़े गए बांग्लादेशी और म्यांमार के अवैध प्रवासियों (रोहिंग्या सहित) को सामान्य कैदियों के साथ जेल में नहीं रखा जाए। उनकी पहचान के बाद अदालत में पेश करके होल्डिंग सेंटर में भेजा जाए, ताकि वापसी की प्रक्रिया आसान हो। BSF और जिला पुलिस मिलकर इनकी पूरी जानकारी जुटा रहे हैं।

















