पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जातीय हिंसा की आग भड़काने और वर्ष 2023 में दो मैतेई छात्रों की हत्या करने वाले हत्यारे नोकजागिंग बैते कुकी को उर्फ टाइगर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे असम राइफल्स ने मणिपुर के चुराचांदपुर जिले से गिरफ्तार किया। बाद में उसे सीबीआई को सौंप दिया गया।
कौन है टाइगर उर्फ नोकजागिंग कुकी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी का नाम नोकजागिंग बैते कुकी, उर्फ टाइगर (38 वर्ष) है। वह यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) का एक प्रमुख सदस्य है। UKNA मणिपुर के चुराचांदपुर इलाके में सक्रिय एक विद्रोही संगठन है। उसे 22 मई को चुराचांदपुर के नगथाल गांव से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ दो अन्य UKNA कैडर थोंगपी गुइते (33) और शोखोमांग बैते (40) भी पकड़े गए हैं।
आरोपी के पास से एजेंसियों ने एक AK राइफल, पिस्तौलें और ग्रेनेड बरामद किए हैं। सुरक्षा बलों के मुताबिक, वह पहले भी कई बार उनके हाथ से बच निकला था।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
मामला कुछ यूं है कि जुलाई 2023 में दो मेइती छात्र लापता हो गए थे। सितंबर 2023 में उनके शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसके बाद बड़े प्रदर्शन हुए और कई छात्र घायल भी हुए। CBI ने इस मामले की जांच की। अक्टूबर 2023 में चार कुकी-जो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन नोकजागिंग बैते कुकी जिस पर आपराधिक षड्यंत्र, सबूत नष्ट करने, सबूत गायब करने, अपराधियों को छिपाने और अपहरण जैसे आरोप लगे, फरार हो गया था।
जून 2024 में गुवाहाटी की CBI अदालत ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया और बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
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कुकी के अन्य अपराध
नोकजागिंग कुकी मणिपुर में जातीय हिंसा फैलाने, प्रभावित इलाकों में कई अन्य गंभीर घटनाओं से भी जुड़ा था।
- जून 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के काफिले पर हमला (जिरिबाम)
- चुराचांदपुर में तीन मेइती लकड़हारे की हत्या
- सोंगदो इलाके में एक और हत्या
- 2023 में कांगपोकपी में बिजली का टावर उड़ाना
- 2024 में जिरिबाम में पेट्रोल टैंकर पर हमला
वह स्वयंभू लेफ्टिनेंट” जमखोगिन गुइते उर्फ पेप्सी के साथ काम करता था, जिसे असम राइफल्स ने अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था।
कहां सक्रिय है UKNA
UKNA 2015 से चुराचांदपुर के हेंगलेप सब-डिवीजन में सक्रिय है। आरोपी 2021 में UKNA में शामिल हुआ था। इससे पहले वह दूसरे विद्रोही समूह में था, जो सरकार के साथ ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ समझौते में है। मणिपुर में 3 मई 2023 से कुकी-जो और मेइती समुदायों के बीच हिंसा शुरू हुई, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।












