नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश स्थित भोपाल के हाई प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सोमवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी की गई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह टिप्पणी की और कहा कि तलाकशुदा बेटी, मृत बेटी से अच्छी है। उन्होंने यह टिप्पणी समाज के लिए की और कहा कि लड़की के परिवार को भी उसकी शिकायतों पर समय रहते हुए ध्यान देना चाहिए था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा मामले का खुद संज्ञान लिया है और इस पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी एम पंचोली की बेंच ने मामले पर सुनवाई की।
CJI ने कहा- हमें विश्वास CBI जिम्मेदारी से जांच करेगी
इस दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कुछ कार्रवाइयों से हमें थोड़ी पीड़ा हुई है। हम अपने मीडिया मित्रों से अनुरोध करेंगे कि वे पीड़ित परिवार या दूसरे परिवार के बयान न लें। मामले को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दें। हमें पूरा विश्वास है कि पीड़ित और आरोपी सहयोग करेंगे। हमें जानकारी मिली है कि मामले की जांच CBI को सौंपी गई है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान कहा कि मृतका के बारे में बयान दिए गए हैं। उसकी सास ने जांच में सहयोग नहीं किया। अपना बयान दर्ज करवाने में सहयोग नहीं किया। इस पर मुख्य न्यायाधिश सूर्यकांत ने कहा कि हमें विश्वास है कि सीबीआई जिम्मेदारी से जांच करेगी।
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आरोपी गिरिबाला सिंह के वकील ने कहा कि यह गलत है। ऐसी बात यहां नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बयान रिकॉर्ड करवाया है। इसके बाद मुख्य न्यायाधिश सूर्यकांत ने कहा कि हम सभी पक्षों से कहते हैं कि प्रीमैच्योर बयानबाजी न करें। पीड़ित परिवार के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि शुरू में सबूतों को नुकसान पहुंचाया गया। इस पर मुख्य न्यायाधिश सूर्यकांत ने कहा कि हम किसी बात पर टिप्पणी नहीं करेंगे। सीबीआई जांच में सक्षम है।
सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को भी दी नसीहत
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मीडिया कवरेज पर भी नसीहत दी। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि पीड़ितों और आरोपियों के बयानों को प्रकाशित में करने में संयम बरते। मीडिया के मित्रों से अनुरोध करेंगे कि वे पीड़ितों के परिवार या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न पड़े। ट्विशा के परिवार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि सास अपने खुद के कॉल डेटा रिकॉर्ड पेश कर रही थीं। जिसकी इजाजत नहीं है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एमपी हाईकोर्ट के निर्देश पर भोपाल एम्स में पीड़िता का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
33 साल की पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। परिवार ने इसे दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बताया है। वहीं ससुराल पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि ट्विशा नशे की समस्या से जूझ रही थीं। ट्विशा के पति समर्थ सिंह एक वकील हैं और उनकी सास गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली पृष्ठभूमि के कारण शुरुआती जांच प्रभावित हो सकती है। वहीं परिवार की मांग के बाद ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया है।














