प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में पांच देशों की यात्रा पूरी करके भारत लौटे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना और मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाना था। यूएई की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के राष्ट्रपति, क्राउन प्रिंस और क्वीन मदर को भारत की ओर से विशेष और पारंपरिक उपहार दिए। ये उपहार भारत की समृद्ध संस्कृति, कला और परंपराओं को दर्शाते हैं।
यूएई के राष्ट्रपति के लिए उपहार रोगन पेंटिंग (ट्री ऑफ लाइफ)

यूएई के राष्ट्रपति को गुजरात की प्रसिद्ध रोगन पेंटिंग भेंट की गई, जिसमें “ट्री ऑफ लाइफ” का चित्र है। यह कच्छ क्षेत्र की एक बहुत पुरानी और दुर्लभ कला है, जो हाथ से बनाई जाती है। इसमें गहरे और चमकदार रंगों का उपयोग किया जाता है। “ट्री ऑफ लाइफ” जीवन, विकास और आपसी जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। इसकी जड़ें जमीन से जुड़ी होती हैं और शाखाएँ ऊपर की ओर बढ़ती हैं, जो यह दिखाती हैं कि जीवन में संतुलन और आगे बढ़ने की भावना कितनी जरूरी है। यह कला भारत की धैर्यपूर्ण और सुंदर हस्तकला परंपरा को दर्शाती है।
यूएई के क्राउन प्रिंस के लिए उपहार कोफ्तगारी खंजर

क्राउन प्रिंस को राजस्थान के उदयपुर में बनी कोफ्तगारी कला से सजा एक पारंपरिक खंजर भेंट किया गया। यह एक खास धातु कला है, जिसमें लोहे पर सोने और चांदी के बारीक तारों से सुंदर डिजाइन बनाए जाते हैं। यह खंजर केवल एक हथियार नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प और शाही परंपरा का प्रतीक है। यह साहस, सम्मान और राजसी संस्कृति को दर्शाता है। इसे यूएई की “खंजर” परंपरा के समान माना जा सकता है, जो वहां की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
यूएई के राष्ट्रपति के लिए उपहार मेघालय का अनानास

यूएई के राष्ट्रपति को मेघालय का प्रसिद्ध अनानास उपहार में दिया गया। यह अनानास जीआई-टैग प्राप्त है और दुनिया के सबसे अच्छे अनानासों में गिना जाता है। यह भारत के मेघालय राज्य के साफ और पहाड़ी इलाकों में उगाया जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसमें मिठास ज्यादा और खट्टापन कम होता है, जिससे इसका स्वाद बहुत मीठा, रसदार और सुगंधित होता है। यह अनानास सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें ब्रोमेलिन नाम का एक प्राकृतिक एंजाइम पाया जाता है, जो पाचन में मदद करता है और सूजन कम करने में सहायक होता है। साथ ही इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
यूएई के क्राउन प्रिंस के लिए उपहार मिथिला मखाना

बिहार के मिथिला क्षेत्र का प्रसिद्ध मखाना भी उपहार में दिया गया। इसे “फॉक्स नट” या “कमल बीज” भी कहा जाता है। यह एक हल्का और पौष्टिक भोजन है, जो पानी वाले क्षेत्रों में उगाया जाता है। मखाना में प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसे स्नैक्स, खाने और धार्मिक कार्यों में भी इस्तेमाल किया जाता है। यह भारत की कृषि और प्राकृतिक संपदा का अच्छा उदाहरण है।
यूएई की क्वीन मदर के लिए उपहार करीमनगर फिलिग्री बॉक्स

क्वीन मदर को आंध्र प्रदेश के करीमनगर का चांदी से बना खूबसूरत बॉक्स दिया गया। इसमें बहुत बारीक नक्काशी की गई है, जिसमें हाथी और शाही जुलूस का चित्र दिखता है। यह कला भारत की पारंपरिक धातु शिल्प कला का हिस्सा है और इसे बहुत मेहनत और कुशलता से बनाया जाता है। यह बॉक्स भारतीय संस्कृति में गरिमा और परंपरा का प्रतीक है।
यूएई की क्वीन मदर के लिए उपहार महेश्वरी सिल्क कपड़ा

मध्य प्रदेश के महेश्वर शहर का प्रसिद्ध महेश्वरी सिल्क कपड़ा भी भेंट किया गया। यह रेशम और सूती धागों से मिलकर बना होता है, इसलिए यह बहुत हल्का और सुंदर होता है। इस कपड़े की शुरुआत रानी अहिल्याबाई होल्कर के समय में हुई थी, जिन्होंने इस कला को बढ़ावा दिया था। यह कपड़ा आज भी अपनी सुंदरता और सादगी के लिए जाना जाता है।
यूएई की क्वीन मदर के लिए उपहार चक हाओ
मणिपुर का प्रसिद्ध काला चावल “चक हाओ” भी उपहार में शामिल था। यह एक खास किस्म का चावल है, जो पहले राजघरानों के लिए ही उपयोग किया जाता था।यह चावल पौष्टिक होता है और इसमें फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देता है और सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
यूएई के राष्ट्रपति के लिए उपहार – केसर आम

केसर आम गुजरात का एक प्रसिद्ध और जीआई-टैग प्राप्त आम है, जिसे “आमों की रानी” भी कहा जाता है। इसकी उत्पत्ति गुजरात के जूनागढ़ क्षेत्र में हुई है। इस आम की खास बात इसका केसर जैसे सुनहरे-नारंगी रंग का गूदा है, जो रेशों से मुक्त (फाइबरलेस) होता है। इसका स्वाद बहुत मीठा और खुशबू बहुत तेज और सुगंधित होती है। गुजरात में केसर आम से “आमरस” बनाया जाता है, जो वहां की मेहमाननवाजी और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। यह आम भारत की समृद्ध कृषि विरासत को दर्शाता है।














