बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों द्वारा बांद्रा के गरीब नगर इलाके में स्टेशन के पास बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। यह अभियान पांच दिनों तक (19 से 23 मई) तक चलेगा। दूसरे दिन अवैध मस्जिदों और मदरसा पर बुलडोजर चलाया गया, जिसके खिलाफ वहां मौजूद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुंबई पुलिस के अधिकारियों पर पथराव किया। उन पर पानी और बाल्टियां फेंकीं। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान अवैध मस्जिदों और मदरसा गिराए जाने के बाद तनाव बढ़ गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के बांद्रा में बुधवार (20 मई) दोपहर को दो अवैध मस्जिदों पर बुलडोजर कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। ये दोनों मस्जिदें रेलवे की जमीन पर बनी थी। अवैध निर्माण गिराने का पता चलते ही मौके पर आसपास के इलाकों से भारी भीड़ जमा हो गई। इन लोगों ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया और पुलिस बल पर पथराव करने लगे। कई ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोग पुलिस पर पथराव करते दिखाई दे रहे हैं। इसमें कई नाबालिग और महिलाएं भी शामिल थीं।
रेलवे ने दिया था नोटिस
रेलवे प्रशासन ने पहले ही लोगों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर नोटिस दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को वैध या कानूनी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हुए अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के कुछ दिनों बाद मंगलवार (19 मई) सुबह बांग्लादेशी घुसपैठियों की 700 अवैध झुग्गियों और निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई कर उसे ढहा दिया गया।
रेलवे का क्या कहना है?
रेलवे का कहना है कि उनकी जमीन पर कई वर्ष पूर्व अवैध झुग्गियों का निर्माण किया गया था। कोर्ट में 2017 से यह मामला चल रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट का इस मामले पर अंतिम आदेश आने के बाद बुलडोजर कार्रवाई की गई। लगातार दूसरे दिन भी यह कार्रवाई जारी है।

















