ब्रिटेन के बाद ऑस्ट्रिया में ग्रूमिंग गैंग्स: जानिए कैसे लड़कियों को फंसा रहे अरब पुरुष
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ब्रिटेन के बाद ऑस्ट्रिया में ग्रूमिंग गैंग्स: जानिए कैसे लड़कियों को फंसा रहे अरब पुरुष

ऑस्ट्रिया के इन्सब्रुक, साल्ज़बर्ग और वियना में अरब मूल के माइग्रेंट ग्रूमिंग गैंग्स नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स देकर यौन शोषण कर रहे हैं। फरवरी में ही 3 किशोरियों की मौत, ब्रिटेन पैटर्न दोहराया जा रहा है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by कुलदीप सिंह
May 18, 2026, 01:18 pm IST
in विश्व
Austria Grooming Gangs

प्रतीकात्मक तस्वीर

यूरोप में ग्रूमिंग गैंग्स कई रूपों में और कई और नामों से चल रहा है। इसी क्रम में अब ऑस्ट्रिया से ऐसी खबर आई है, जो इस बात की पुष्टि करती है कि ये गैंग कई और देशों में कई और नामों के साथ लड़कियों को जालों में फंसा रहे हैं।

rmxnews के अनुसार, ऑस्ट्रिया के कई शहरों में अरब मूल के लोग वहाँ की स्थानीय किशोरियों को ड्रग और प्यार के जाल में फँसाकर उन्हें जिस्म फरोशी के जाल में फेंक रहे हैं और इसके नतीजे बहुत ही भयावह हो रहे हैं। इसके अनुसार, इन्सब्रुक, साल्ज़बर्ग और वियना में अरब पुरुष कमज़ोर और नासमझ लड़कियों को अपना निशाना बना रहे हैं; वे उन्हें नशीले पदार्थों का आदी बनाकर उनका यौन शोषण कर रहे हैं। पिछले दो महीनों में ही पाँच लड़कियों की मौत हो चुकी है। इसके अनुसार, इन्सब्रुक में 13,14 और 16 वर्ष की तीन किशोरियों की मौत इस फरवरी में ड्रग्स की संदिग्ध ओवरडोज़ से हो गई थी। और इनमें से जो सबसे छोटी थी, उसके पोस्टमार्टम से पता चला कि उसकी मौत कई तरह की हार्ड ड्रग्स लेने से हुई थी और जिनमें कोकीन, ओपिएट और साइकोट्रॉपिक दवाएँ भी शामिल थीं।

ग्रूमिंग गैंग्स के निशाने पर युवतियां

freilich-magazin.com ने इस शहर में ग्रूमिंग गैंग्स को माइग्रेन्ट ग्रूमिंग गैंग लिखा है। इसमें लिखा है कि किशोरियाँ उनके निशाने पर हैं। इसमें लिखा है कि फरवरी में जो तीन मौतें हुई हैं, वे एक शोषण की ओर संकेत करती हैं, जो जानबूझकर छोटी लड़कियों का ड्रग्स और यौन हिंसा के माध्यम से हो रहा है। ‘हिंसा से सुरक्षा के लिए सक्षमता केंद्र’ के मेडिकल डायरेक्टर क्लाउस कपेलरी के अनुसार, मरने वाली तीनों ही लड़कियां एक ही समूह की लड़कियां थीं, और एक दूसरे को जानती थीं।
इनके विषय में विशेषज्ञ एक खास रुझान बताते हैं।

उनके अनुसार, यह विशेषकर छोटी उम्र की लड़कियों को निशाना बनाते हैं। कपेलरी का कहना है कि “पहले पीड़िताओं को सस्ती ड्रग्स दी जाती है, और उसके बाद उनसे उनकी खास तस्वीरें मांगी जाती हैं।“ और उसके बाद यह जाल और भी तेज होता है। अगर लड़की के पास इन ड्रग्स को लेने के लिए पैसे नहीं होते हैं, तो वे फिर अपना शरीर बेचने के लिए तैयार हो जाती हैं। कुछ मामलों में तो उन्हें ऐसी दवाइयाँ दी जाती हैं कि उनकी चेतना ही गायब हो जाती है। परिजनों का यह आरोप भी है कि अधिकारी उचित कदम उठाने में विफल रहे हैं। इन्सब्रुक में मरने वाली 13 वर्षीय लड़की की माँ ने अधिकारियों पर निष्क्रियता के आरोप लगाए थे।

इसे भी पढ़ें: क्या फिर से ईरान पर हमला करने जा रहे ट्रंप? कहा-‘ये तूफान से पहले की शांति’

अन्य शहरों में भी यह हो रहा है

इस पोर्टल के अनुसार, इन्सब्रुक की यह घटना साल्ज़बर्ग की कुछ घटनाओं और खास पैटर्न की ओर इशारा करती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स ने एक 14 वर्षीय लड़की की कहानी साझा की थी, जिसका यही अनुभव था। और उसने यह कहा था कि वह चाहती है कि लोगों को पता चले कि जो हो रहा है, वह सच में हो रहा है। उसने एक कमरे के अपार्टमेंट्स के बारे में बताते हुए कहा था “हर ओर गद्दे ही गद्दे थे।“ लड़कियों को ड्रग्स दिया गया और फिर उन्हें बदले में सेक्स के लिए बाध्य किया गया। उसने ऐसे एक दर्जन से ज्यादा ऐसे अपार्टमेंट्स बताए थे। उसने यह बताया कि जब वह असहाय थी तो उसे हेरोइन दिया गया। और जब वह आधे नशे की हालत में थी तो उसे यह महसूस हुआ कि तीन आदमी उसके साथ यह सब कर रहे हैं। उसके जैसी कई लड़कियों को जाल में फँसाया गया था। डर के कारण कई लड़कियों ने पुलिस के पास जाना भी उचित नहीं समझा क्योंकि जिन आदमियों ने उनके साथ यह सब किया था, उनमें से कई लोगों के पास उन लड़कियों के आईडी थे और उन्हें यह तक पता था कि लड़कियां कहाँ रहती हैं।

विएना में भी घटनाएं

इसमें लिखा है कि वर्ष 2025 से ही विएना में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। मेडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई लोग अचानक से ही ड्रग्स की ओवरडोज़ के कारण मारे गए थे। साल्ज़बर्ग में बाल और किशोर मनोरोग विभाग की प्रमुख बेलिंडा प्लैटनर ने चेतावनी दी थी कि लड़कियां उन्हें बताती थीं कि साल्ज़बर्ग के मुख्य रेलवे स्टेशन पर अरब मूल के कुछ युवक उनसे संपर्क करते हैं, जो उन्हें ड्रग्स देते हैं और फिर यह वादा करते हैं कि विएना में उन्हें यह सब और भी ज्यादा मिलेगा। उनके अनुसार, लड़कियों को कई दिनों तक रुकने के लिए मजबूर किया जाता था और फिर उन्हें आदमियों को चाय देने के लिए और उनके साथ रहने के लिए कहा जाता था। पहले ऐसा लगता कि आदमी इन लड़कियों को आदर देते हैं, मगर अक्सर यह यौन उत्पीड़न होता है और लड़कियों के प्रति बहुत ही बुरा व्यवहार करते हैं।

ब्रिटेन के ग्रूमिंग गैंग्स जैसा ही पैटर्न

लोग कह रहे हैं कि यह जो भी हो रहा है, वह ब्रिटिश ग्रूमिंग गैंग्स के ही पैटर्न पर हो रहा है। गरीब घरों की नाबालिग लड़कियों को मुफ्त नशीली दवाओं का लालच देकर जानबूझकर फंसाया जाता है, उन्हें नशे का आदी बनाया जाता है और फिर उनका यौन शोषण किया जाता है – और अक्सर यह कई लोगों द्वारा किया जाता है। ये खबरें हालांकि, अभी तक वहाँ की स्थानीय मीडिया द्वारा ही कवर की जा रही हैं और सोशल मीडिया पर हैं, अभी कथित मुख्यधारा की मीडिया द्वारा इन्हें कवर नहीं किया गया है।

Topics: ड्रग्सऑस्ट्रिया ग्रूमिंग गैंग्समाइग्रेंट ग्रूमिंग गैंग ऑस्ट्रियाकिशोरियों का यौन शोषण
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