खाड़ी संकट के बाद भी बीते कुछ वक्त से अस्थायी युद्धविराम के कारण रही शांति, शायद खत्म होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से तो ऐसा ही प्रतीत हो रही है। ईरान के साथ टकराव की अटकलों को बढ़ाते हुए ट्रंप ने इस शांति को तूफान से पहले की शांति करार दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने एक एआई जेनरेटेड इमेज शेयर की है, जिसमें वह एक नौसेना अधिकारी के साथ वॉरशिप पर खड़े दिख रहे हैं। पीछे समुद्र की लहरें और तूफान का माहौल है, साथ में एक ईरानी जहाज भी नजर आ रहा है। इसी के साथ इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं, कि ट्रंप दोबारा से ईरान पर बमबारी कर सकते हैं।
इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप एक अन्य पोस्ट भी की है, जिसमें वह अमेरिकी स्पेस फोर्स का भी जिक्र करते दिख रहे हैं। इस एआई जेनरेटेड इमेज में डोनाल्ड ट्रंप एक बटन दबाकर अंतरिक्ष में अपने लक्ष्य को तबाह करते दिख रहे हैं।
ट्रंप ने रखी हैं शर्तें
ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ कोई समझौता करने के लिए पांच मुख्य शर्तें रखी हैं। इनमें शामिल हैं – ईरान का अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम दूसरे देश में ट्रांसफर करना, न्यूक्लियर प्लांट्स की संख्या और क्षमता में भारी कटौती, और न्यूक्लियर कार्यक्रम को लंबे समय (करीब 20 साल) के लिए रोकना। अमेरिका चाहता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना सके।
ईरान की मांगें
ईरान की तरफ से भी कुछ सख्त शर्तें हैं, जो बातचीत में रुकावट बन रही हैं। ईरान चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई तुरंत और पूरी तरह बंद हो जाए। अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध हटा लिए जाएं। विदेशों में रोके गए उसके सारे फंड और संपत्ति तुरंत वापस किए जाएं। इस जंग में हुए नुकसान की भरपाई भी हो, और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर उसकी संप्रभुता को मान्यता दी जाए।
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क्या है मौजूदा स्थिति
सीजफायर के बावजूद दोनों तरफ से भरोसे की कमी साफ दिख रही है। अमेरिकी मीडिया में दावा किया जा रहा है कि अगर बातचीत फेल होती है तो फिर से संघर्ष बढ़ सकता है। ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्दी समझौता नहीं हुआ तो भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुआ यह टकराव फरवरी 2026 में अमेरिका के हमलों से बढ़ा था। अब पाकिस्तान की मध्यस्थता से सीजफायर हुआ है, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। बातचीत चल रही है, मगर कोई ठोस नतीजा अभी नहीं निकला है।
















