मध्य प्रदेश के भोपाल से लव जिहाद के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में एक 29 साल के मुस्लिम युवक को होटल में एक हिंदू लड़की से मिलने के बाद पीटा गया। इस पर विपक्षी हिन्दू संगठनों पर आरोप लगाया था। लेकिन, अब खुलासा हुआ है कि मुस्लिम आरोपी को पीटने वालों का हिन्दू संगठनों से कोई लेना-देना नहीं था।
दरअसल, हिन्दू लड़की के साथ होटल में पकड़े जाने के बाद लोगों ने मुस्लिम युवक को जमकर पीटा, उसे नंगा किया, चेहरे पर गोबर पोता और सड़क पर घुमाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि अभी तक इनमें से किसी का बजरंग दल या किसी भी दक्षिणपंथी संगठन से कोई लिंक नहीं मिला है।
गोविंदपुरा थाने के SHO अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि गिरफ्तार लोगों के नाम हैं- ब्रजेंद्र प्रजापति, प्रतीक चौकसे, लालाराम मीणा, रमेश, अजय और अमन। संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कहा कि ये लोग उनके सदस्य नहीं हैं।
युवक की गिरफ्तारी भी हुई
यह मुस्लिम युवक पुराने मामलों में पहले जेल जा चुका था। हाल ही में छूटा था। पुलिस को पता चला कि उसके खिलाफ मोबाइल चोरी के दो पुराने केस लंबित थे, इसलिए इस घटना के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों (युवक और हिंदू लड़की) ने पहले पुलिस को बताया था कि वे होटल में अपनी मर्जी से मिले थे और कोई शिकायत नहीं करना चाहते थे।
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उवैस रहमानी ने दर्ज कराई थी FIR
बताया जाता है कि घटना के बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद उवैस रहमानी ने लव जिहाद आरोपी मुस्लिम युवक से मिलने के बाद मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआत में शिकायत युवक के नाम पर दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में डीसीपी विकास कुमार सेहवाल ने इसे ठीक कर दिया। रहमानी ने बताया कि वे युवक को पहले से नहीं जानते थे। उन्होंने कहा, “मेरी शिकायत मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचने को लेकर थी।”
शिकायत में क्या कहा गया?
शिकायत के मुताबिक युवक ने बताया कि कुछ लोग खुद को बजरंग दल से जुड़ा बताते हुए उसे रोका। सिर्फ इसलिए क्योंकि वह मुस्लिम था। उन्होंने उसे “लव जिहाद” का झूठा आरोप लगाया। फिर नंगा किया, चेहरे पर काला पेंट और गोबर पोता, भीड़ जुटाई, वीडियो बनाया और उसके धर्म के खिलाफ नारे लगाए।
जब युवक ने विरोध किया तो उसे सड़क पर घुमाया, पीटा और मारने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया कि युवक को शारीरिक चोटें आईं और उसे बहुत मानसिक आघात पहुंचा। उसके परिवार में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया। वीडियो सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर फैल गए। शिकायत में लिखा है कि यह घटना युवक के मौलिक अधिकारों और सम्मान पर हमला है, संविधान की भावना के खिलाफ है। इससे मुस्लिम समुदाय में गुस्सा फैला है और शहर के सामाजिक माहौल पर असर पड़ सकता है।














