द हेग (नीदरलैंड्स) | नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपनी नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान द हेग स्थित ‘पैलेस हुइस टेन बॉश’ (Palace Huis ten Bosch) में वहां के राजा किंग विलेम-अलेक्जेंडर और रानी क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात की। इस ऐतिहासिक मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और जन-साधारण के आपसी जुड़ाव (पीपल-टू-पीपल टाइज) को गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। पीएम मोदी के सम्मान में डच शाही जोड़े ने विशेष रात्रिभोज (Dinner) की मेजबानी भी की।
शाही मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा:
“शाही महल में महामहिम राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की। प्रौद्योगिकी, नवाचार, सतत विकास, वाणिज्य और जल संसाधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड्स मित्रता को बढ़ावा देने पर विचारों का आदान-प्रदान अद्भुत रहा। भारत और नीदरलैंड्स साझा हितों और भविष्य के लिए तैयार ग्रह (Future-Ready Planet) के निर्माण में साझा विश्वास से जुड़े हैं।”
Met His Majesty King Willem-Alexander and Her Majesty Queen Máxima at the Royal Palace. It was wonderful exchanging perspectives on boosting India-Netherlands friendship across key sectors like technology, innovation, sustainable growth, commerce and water resources. India and… pic.twitter.com/BmY5fDxY9t
— Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2026
इन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों देशों के नेताओं ने शिक्षा, नवाचार (Innovation), सेमीकंडक्टर, डिजिटल क्षेत्र, जल प्रबंधन और ग्रीन पार्टनरशिप के क्षेत्रों में चल रही द्विपक्षीय पहलों पर संतोष व्यक्त किया। पीएम मोदी ने 2019 में डच शाही जोड़े की भारत यात्रा को भी याद किया, जिसने दोनों देशों के संबंधों को नई गति दी थी।
प्रवासी भारतीयों के बीच भावुक हुए पीएम मोदी: “लगा भारत के किसी उत्सव में हूँ”
इससे पहले दिन में, द हेग में आयोजित एक भव्य भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए। प्रवासी भारतीयों के जबरदस्त उत्साह को देखकर उन्होंने कहा-
“इतना प्यार और उत्साह देखकर मैं एक पल के लिए भूल गया कि मैं नीदरलैंड्स में हूँ, ऐसा लगा जैसे मैं भारत के ही किसी उत्सव में शामिल हो रहा हूँ। ऐसा प्रतीत होता है कि ‘द हेग’ भारतीय मित्रता का एक जीवंत प्रतीक बन गया है।”
पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स के प्रसिद्ध ‘ट्यूलिप’ और भारत के ‘कमल’ (Lotus) का उदाहरण देते हुए कहा, “नीदरलैंड्स को ट्यूलिप के लिए जाना जाता है, ठीक वैसे ही जैसे भारत को कमल के लिए। ट्यूलिप और कमल दोनों हमें सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या जमीन में, व्यक्ति सुंदरता और शक्ति दोनों प्राप्त करता है।”
वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया तनाव पर जताई चिंता
वैश्विक भू-राजनीति और आर्थिक चुनौतियों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया (Mid-East) संकट के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट और युद्ध की स्थितियों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने दुनिया को आगाह करते हुए कहा-
“विश्व आज नई चुनौतियों से जूझ रहा है—पहले कोरोना, फिर युद्ध और आज का ऊर्जा संकट। यह दशक चुनौतियों से भरा होता जा रहा है। यदि स्थिति तेजी से नहीं बदली, तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां बेकार हो जाएंगी और दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी में डूब जाएगा।”
पीएम मोदी ने मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन (Resilient Supply Chains) की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत और नीदरलैंड्स मिलकर एक ‘फ्यूचर-रेडी सप्लाई चेन’ स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं।
व्यापार और निवेश में नीदरलैंड्स का बड़ा स्थान
आपको बता दें कि वर्ष 2017 के बाद पीएम मोदी की यह दूसरी नीदरलैंड्स यात्रा है। नीदरलैंड्स यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है-
- द्विपक्षीय व्यापार: वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच 27.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ।
- विदेशी निवेश (FDI): नीदरलैंड्स भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है, जिसका संचयी एफडीआई 55.6 बिलियन डॉलर है।
- भारतीय समुदाय: यहाँ 90,000 से अधिक अनिवासी भारतीय (NRI) और भारतीय मूल के लोग रहते हैं, साथ ही 2,00,000 से अधिक सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के लोग भी यहाँ निवास करते हैं। इसके अलावा करीब 3,500 भारतीय छात्र डच विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं।











