भदोही। पूर्व विधायक एवं बाहुबली विजय मिश्रा को जनपद न्यायालय से एक और मुकदमे में सजा हो गई है। पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी एवं पूर्व सदस्य विधान परिषद राम लली मिश्रा, बेटा विष्णु मिश्रा को 10 वर्ष और विष्णु मिश्रा की पत्नी रूपा मिश्रा को 4 साल की सजा सुनाई गई है।
वर्ष 2020 में भदोही जनपद के गोपीगंज थाने में विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि मकान, फर्म पर कब्जा करने के साथ ही करोड़ों रुपया अपनी सेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद पुलिस ने विवेचना करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अभी कुछ दिन पहले प्रयागराज जनपद न्यायालय परिसर में 46 साल पहले हुई दिनदहाड़े हत्या के मुकदमे में पूर्व विधायक एवं बाहुबली विजय मिश्रा, संतराम, बलराम और जीत नारायण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जनपद न्यायालय ने सभी अभियुक्तों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया था।
जानकारी के अनुसार, नवाबगंज थाना क्षेत्र के हथिगहां गांव के रहने वाले श्याम नारायण पांडेय ने प्रयागराज के थाना कर्नलगंज थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। तहरीर में कहा गया था कि उनके भाई प्रकाश नारायण पांडेय 11 फरवरी 1980 की दोपहर कचहरी के दीवानी परिसर में अपनी जमानत कराने के लिए गए थे।
जैसे ही वह छोटे लाल के होटल पर पहुंचे तभी पीछे से संतराम, बलराम, पूर्व विधायक विजय मिश्रा, जीत नारायण अपने हाथों में असलहा लेकर आए और प्रकाश नारायण पांडेय के सीने पर गोली मार दी। घायल अवस्था में उन्हें स्वरूप रानी अस्पताल ले जाया गया जहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।















