NEET पेपर लीक की घटना के बाद केंद्र सरकार ने अब ऑनलाइन सिस्टम पर भरोसा जताया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि अगले साल से नीट यूजी परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में होगी। उन्होंने कहा कि इस बार हुई पेपर लीक की मुख्य वजह OMR शीट थी, इसलिए अब इस व्यवस्था को बदल दिया जाएगा। यह फैसला नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक होने के कुछ दिन बाद आया है। परीक्षा 3 मई को हुई थी।
क्या कहा मंत्री ने
धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा कि सरकार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस रखती है। उन्होंने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को परीक्षा के बाद शिकायत मिली थी। शिकायत 7 मई को आई, जिसमें कहा गया कि कुछ गेस पेपर के सवाल असली प्रश्न पत्र में भी थे।
उन्होंने आगे बताया, “हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तुरंत जांच शुरू की और मामले को सरकारी एजेंसी को सौंप दिया। राज्य एजेंसियों से संपर्क किया गया। 12 मई तक पुष्टि हो गई कि गेस पेपर के नाम पर असली परीक्षा के सवाल लीक हो गए थे।”
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री-एग्जाम की नई तारीख
NTA ने पहले ही दिन घोषणा कर दी कि नीट यूजी की री-एग्जाम अब 21 जून को होगी। मंत्री ने कहा कि योग्य छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने माना कि इस फैसले पर छात्रों में दो तरह की राय बनी हुई है। एक तरफ कुछ लोग इसका स्वागत कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कुछ चिंतित हैं।
जांच CBI को सौंपी गई
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा माफिया के खिलाफ यह लंबी लड़ाई है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, इसलिए पूरे मामले की जांच अब CBI को दे दी गई है। CBI ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरी गहराई तक जांच करेगी। मंत्री ने कहा, “हम इस बार किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने छात्रों के लिए चिंता भी जताई और कहा कि देश के हित में यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा।
क्यों जरूरी हुआ CBT मोड
OMR शीट आधारित परीक्षा में पेपर लीक होने की आशंका ज्यादा रहती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सवाल डिजिटल तरीके से दिए जाएंगे, जो लीक को रोकने में मदद करेगा। यह बदलाव अगले साल से लागू होगा।

















