भुवनेश्वर: लगभग 22 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक एक बार फिर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित होने जा रही है। यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 29 मई से 31 मई तक भुवनेश्वर स्थित शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। भुवनेश्वर, जिसे भगवान श्रीजगन्नाथ की पवित्र भूमि और मंदिरों के शहर के रूप में भी जाना जाता है, इस महत्वपूर्ण आयोजन का साक्षी बनेगा। इस संबंध में जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, ओडिशा (पूर्व) के प्रदेश मंत्री दीप्तिमयी प्रतिहारी और अन्य पदाधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी।
47 प्रांतों और पड़ोसी देशों से आएंगे प्रतिनिधि
उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय बैठक में देश के 47 संगठनात्मक प्रांतों से प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके साथ ही पड़ोसी देश नेपाल और भूटान से भी छात्र नेता, शिक्षाविद् और प्रतिनिधि शामिल होंगे।कुल मिलाकर 700 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता इस अधिवेशन को एक व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा क्षेत्र, सामाजिक मुद्दों और युवाओं की भूमिका से जुड़े समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
26 और 27 मई को होंगे महत्वपूर्ण पूर्व बैठकें
राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक से पहले 26 मई को केंद्रीय टीम की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिवेशन में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श कर उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद 27 मई को केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक होगी, जिसमें देशभर से आए लगभग 120 सदस्य भाग लेंगे। इस बैठक में भी शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।
28 मई को विभिन्न आयामों की बैठकें
अधिवेशन के पहले दिन, यानी 28 मई की पूर्वाह्न में विद्यार्थी परिषद के विभिन्न आयामों और विभागों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में संगठनात्मक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।
नागरिक अभिनंदन समारोह बनेगा मुख्य आकर्षण
28 मई को ही विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा, जो इस अधिवेशन का प्रमुख आकर्षण होगा। इस कार्यक्रम में लगभग 1500 पूर्व कार्यकर्ता, शुभचिंतक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है।
इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शामिल होने की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है, जिससे इस आयोजन का राजनीतिक और सामाजिक महत्व और बढ़ गया है।
शिक्षा सुधार और सामाजिक विकास पर केंद्रित प्रस्ताव
राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक परिस्थितियों और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है। इन प्रस्तावों के आधार पर आने वाले वर्ष में देशभर में शिक्षा सुधार, सामाजिक जागरूकता और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े आंदोलन और कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। एबीवीपी का उद्देश्य इस अधिवेशन के माध्यम से छात्र समुदाय को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय रूप से जोड़ना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत का होगा प्रदर्शन
इस राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष सांस्कृतिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राज्य की परंपराएं, कला और ऐतिहासिक धरोहरों को दर्शाया जाएगा। इस प्रदर्शनी के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों को ओडिशा की विविध और समृद्ध संस्कृति की झलक देखने का अवसर मिलेगा, जिससे “लघु भारत” की अवधारणा को भी बल मिलेगा।
संगठन ने जताया सफल आयोजन का भरोसा
पत्रकार वार्ता में उपस्थित नेताओं सुश्री प्रतिहारी के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विश्वजीत पात्र , प्रांत सह मंत्री राजकुमार मिश्र तथा भुवनेश्वर महानगर मंत्री गंगाधर पाढी शामिल थे। सभी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने, छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक दायित्वबोध को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

















