महाराष्ट्र में नासिक के टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कंपनी में हिंदू महिलाओं के यौन शोषण और जबरन कन्वर्जन मामले में आज का दिन काफी अहम है। इस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को सोमवार (11 मई) को नासिक कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को निदा खान को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। आज उसकी हिरासत की अवधि समाप्त हो गई है। पुलिस ने 44 दिनों में 5 शहरों में निदा खान का लुका-छिपी का खेल खत्म कर उसे सादे कपड़ों में गुरुवार (7 मई) रात छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निदा खान गिरफ्तारी के डर से पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि नासिक टीसीएस के बीपीओ में हिंदू महिलाओं के यौन शोषण और उनके जबरन कन्वर्जन का मामला सामने आने के बाद निदा खान गिरफ्तार होने के डर से सबसे पहले ठाणे पहुंची, जिसके बाद उसने कुछ दिनों तक भीड़भाड़ वाले भिवंडी इलाके में शरण ली। फिर वह मुंबई और सोलापुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रही। इस दौरान निदा खान ने मालेगांव में लोकल लेवल पर मदद लेने की कोशिश की, लेकिन वहां उसकी कोशिशें नाकाम रहीं। निदा खान पिछले डेढ़ महीने से पुलिस को चकमा दे रही थी। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान निदा एआईएमआईएम (AIMIM) नेताओं के संपर्क में थी। वह छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव स्थित फ्लैट में अपने परिवार के साथ छिपी हुई थी।
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संभाजीनगर के रास्ते तेलंगाना जाने का था प्लान
जांच में पाया गया है कि मालेगांव में मदद न मिलने के बाद निदा ने छत्रपति संभाजीनगर जाने की योजना बनाई थी। यहां उसने एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल से संपर्क कर शरण ली और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश की। अगर उसे यहां भी मदद नहीं मिलती, तो उसने संभाजीनगर के रास्ते कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना भागने का पूरा प्लान बना लिया था। वहीं, नासिक पुलिस की एक टीम टेक्निकल एनालिसिस और इंटेलिजेंस की मदद से लगातार निदा की लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई थी। जैसे ही स्थानीय पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर में है, उन्होंने नासिक पुलिस की मदद से उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इससे पहले कि वह तेलंगाना के लिए निकल पाती छत्रपति संभाजीनगर और नासिक पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इस गिरफ्तारी से लव जिहाद के कई बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
निदा खान पर गंभीर आरोप
निदा खान पर आरोप है कि उसने नासिक स्थित TCS कंपनी के बीपीओ में काम करने वाली कई हिंदू महिलाओं का जबरन कन्वर्जन कराने की कोशिश की और उन्हें लव जिहाद के जाल में फंसाया। निदा खान की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रिपोर्ट से पता चला है कि केस दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर उसने कई जगह फोन कॉल किए थे। इन कॉल्स ने जांच एजेंसियों का शक और गहरा कर दिया था। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि निदा खान हिंदू पीड़िता को अपने घर ले जाती थी। इस दौरान उसे जबरन नमाज पढ़ना, हिजाब और बुर्का पहनना सिखाया जाता था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी ने मालेगांव पार्टी के जरिए पीड़िता का हिंदू नाम बदलकर मुस्लिम नाम रख दिया था। निदा पर यह भी आरोप है कि उसने ब्रेनवॉश के लिए 171 इस्लामिक लिंक्स पीड़िता को भेजे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को संदेह है कि AIMIM पार्षद मतीन मजिद पटेल ने अपने लोगों के जरिए निदा खान को घर चलाने के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई थी।
अदालत ने खारिज की थी अग्रिम जमानत याचिका
हाल ही में नासिक की विशेष अदालत ने दो महीने की गर्भवती होने का दावा करने वाली टीसीएस कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि पीड़िता का सुनियोजित तरीके से ब्रेनवाश करके उसे मलेशिया भेजने की साजिश थी। अदालत ने यह भी कहा कि खान की याचिका में कोई दम नहीं है। अपराध की गंभीरता वास्तव में बहुआयामी और बहुस्तरीय है। मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे मामले की शुरुआत 26 मार्च 2026 को हुई थी। पीड़िता ने नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जुलाई 2022 से उसे शादी का झूठा वादा कर धोखा दिया गया। पुलिस के मुताबिक, टीसीएस कंपनी में जबरन कन्वर्जन, यौन शोषण और कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। कुल नौ आरोपियों में सात पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
निदा खान को पनाह देने वाले के घर पर चलेगा बुलडोजर
आरोपी निदा खान को शरण देने वाले घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नगर निगम ने मकान को अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया है। यह घर हनीफ खान और सैयद सरवर के नाम पर बताया जा रहा है। दोनों ने यह मकान कुछ समय पहले खरीदा था। मकान मालिकों के अनुसार उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां रहने वाली महिला नासिक TCS मामले से जुड़ी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।















