अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर तीखा हमला बोला है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करना किसी प्रधानमंत्री की नाकामी माना जाता है, तो फिर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी वही सवाल उठने चाहिए।
मालवीय का सवाल- नेहरू की बात सही, तो PM मोदी की अपील गलत क्यों?
अमित मालवीय ने कहा कि नेहरू जी ने खुद कई बार माना था कि दुनिया में होने वाले युद्ध और बड़े अंतरराष्ट्रीय संकटों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे समय में महंगाई बढ़ना और आर्थिक दबाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि जब नेहरू इस तरह की बातें करते थे, तब उसे जिम्मेदार नेतृत्व माना जाता था, लेकिन आज अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से जागरूक रहने और देशहित में सहयोग करने की अपील करते हैं, तो कांग्रेस उसे “बहाना” बताने लगती है।
अगर जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करना “नाकामी” है, तो फिर आपके प्रिय नेहरू जी भी क्या “Compromised PM” थे?
खुद नेहरू जी ने कहा था कि जब दूसरे देशों में युद्ध होता है तो उसका असर भारत में महंगाई के रूप में पड़ता है। क्या तब भी यह “बहाना” था, या तब यह जिम्मेदार नेतृत्व माना… https://t.co/Awnfk4062Y pic.twitter.com/qCYN6XVt1k
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 11, 2026
मालवीय ने अपने बयान में कहा कि वैश्विक संकटों का असर सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ता है। उनका कहना है कि एक मजबूत सरकार वही होती है जो जनता से सच छिपाने के बजाय उन्हें स्थिति के बारे में साफ तौर पर बताए और चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ लेकर चले।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी जनता से बड़ा त्याग मांगने की बात नहीं की, बल्कि लोगों से छोटे-छोटे जिम्मेदार कदम उठाने की अपील की है। इसमें बिजली और ऊर्जा की बचत करना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग देना शामिल है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित मालवीय ने कहा कि पार्टी हमेशा राष्ट्रहित में जनता की भागीदारी को “उपदेश” मानती रही है। उनके अनुसार कांग्रेस की राजनीति केवल सत्ता तक सीमित रही, जबकि भाजपा देशहित और राष्ट्रनिर्माण की सोच के साथ काम कर रही है।















