हाल ही में दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से एक आदेश जारी होने की खबर सामने आई है, जिसमें कथित रूप से ‘इस्लामिक एथिक्स ऑफ वॉरफेयर’ नामक पुस्तक को जब्त करने की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार का दावा है कि यह पुस्तक कुछ ऐसे विचार प्रस्तुत करती है जो सामाजिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील हो सकते हैं।
किताब पर प्रतिबंध और सरकार की कार्रवाई का कारण
जारी आदेश के अनुसार, सरकार का कहना है कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पुस्तक में धार्मिक संदर्भों का उपयोग इस तरह किया गया है जिससे कुछ वर्गों के बीच गलतफहमी और वैचारिक तनाव उत्पन्न होने की संभावना बन सकती है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुस्तक की कुछ व्याख्याएं ऐसी हैं जिन्हें कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने वाला माना गया है। इसी आधार पर इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 98 के तहत जब्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली है कि ‘इस्लामिक एथिक्स ऑफ वॉरफेयर’ नाम की किताब लोगों, खासकर कुछ विशेष समुदायों के लोगों को हथियार उठाने और हिंसा की सोच भड़काती है। सरकार का कहना है कि यह किताब कट्टर विचारधारा को बढ़ावा देती है, जिससे देश की सुरक्षा और जनता की शांति को खतरा हो सकता है।

सरकारी दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि पुस्तक में कुछ धार्मिक ग्रंथों और सिद्धांतों की व्याख्या को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे हिंसा या उकसावे जैसी स्थिति को वैचारिक आधार मिल सकता है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि पुस्तक की सामग्री भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित रूप से संवेदनशील मानी गई है। इसी वजह से इस किताब पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS), 2023 की धारा 196, 197(1)(c) और 197(1)(d) भी लागू की गई है।
















