
पश्चिम बंगाल की राजनीति में वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव एक ऐतिहासिक मोड़ बनकर सामने आया। 4 मई 2026 को घोषित चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने 208 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज कर राज्य की सत्ता पर कब्जा कर लिया, जबकि लंबे समय तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तब लगा, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी परंपरागत सीट भी बचाने में असफल रहीं। चुनाव परिणामों ने न केवल बंगाल की राजनीति की दिशा बदल दी, बल्कि पिछले कई वर्षों से राज्य में चल रहे राजनीतिक संघर्ष, सांप्रदायिक तनाव और कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों को भी फिर से केंद्र में ला दिया।
वर्ष 2017 से 2026 के बीच पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों- उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और बर्धमान से ऐसी कई घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने राज्य के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को गहराई से प्रभावित किया। इन घटनाओं में सरस्वती पूजा, रामनवमी और काली पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान विवाद, हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं पर हमलों के आरोप, मंदिरों की भूमि पर कब्जे के प्रयास, महिलाओं के उत्पीड़न, राजनीतिक हिंसा और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर धमकियों जैसे गंभीर मामले शामिल रहे। कई मामलों में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम सामने आने के बाद विपक्षी दलों और स्थानीय संगठनों ने राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल में बीते लगभग एक दशक के दौरान सामने आई 13 प्रमुख घटनाओं पर आधारित है। इन घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था, धार्मिक स्वतंत्रता और राजनीतिक सहिष्णुता को लेकर व्यापक बहस छेड़ी। चुनावी हिंसा से लेकर सांप्रदायिक तनाव तक, महिलाओं की सुरक्षा से लेकर धार्मिक आयोजनों में बाधा तक इन सभी मामलों ने बंगाल की राजनीति को लगातार प्रभावित किया। रिपोर्ट में उन घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें हिंदू समुदाय के लोगों ने खुद को निशाना बनाए जाने, धमकाए जाने या हिंसा का शिकार होने का आरोप लगाया।
इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की एक बड़ी घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई, जहां 6 मई की रात 10:20 बजे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:20 बजे चंद्रनाथ रथ विधानसभा क्षेत्र का काम निपटाकर अपनी एसयूवी से माइकलनगर स्थित घर लौट रहे थे। इसी दौरान मध्यमग्राम के दोहारिया इलाके में एक बिरयानी दुकान के पास उनकी गाड़ी के सामने अचानक एक चारपहिया वाहन आकर रुक गया। इससे पहले कि गाड़ी में बैठे लोग कुछ समझ पाते, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावर वहां पहुंचे और चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाते हुए प्वाइंट ब्लैंक रेंज से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप फैल गया। भाजपा नेताओं ने इस हत्या को राजनीतिक हिंसा का परिणाम बताते हुए TMC पर निशाना साधा।
सरस्वती पूजा को लेकर विवाद, हिंदू छात्राओं ने TMC नेता पर धमकी देने का लगाया आरोप
TMC leader Daud Alam Molla threatened students of Jogesh Chandra Chowdhury Law college from performing Saraswati Puja. Else he will ensure their LLM is jeopardised.
Last year Trinamool leader Sabbir Ali threatened on similar lines and he has been duly rewarded by his Party. He… pic.twitter.com/zRotdmNCAI— Keya Ghosh (@keyakahe) January 23, 2026
कोलकाता के दक्षिण क्षेत्र स्थित सरकारी सहायता प्राप्त जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज में सरस्वती पूजा को लेकर विवाद सामने आया। कॉलेज की एक हिंदू छात्रा ने आरोप लगाया कि टीएमसी नेता दाऊद आलम मोल्ला ने पूजा आयोजन का विरोध करते हुए छात्राओं को धमकी दी। छात्रा के अनुसार, सरस्वती पूजा आयोजित करने को लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्रा ने दावा किया कि आरोपी नेता कॉलेज के बाहर खड़ा था और उसने उसे धमकी दी। छात्रा ने वीडियो में कहा कि दाऊद आलम मोल्ला ने उसके एलएलएम के साथ गलत काम करने की धमकी दी। घटना के बाद छात्र संगठनों और हिंदू संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उत्तर 24 परगना और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
बीरभूम में मंदिर की भूमि कब्जाने की कोशिश को लेकर तनाव, ग्रामीणों ने किया विरोध
News coming in from #Birbhum district of #WestBengal.
In #Ilambazar, some Muslim leaders of TMC allegedly tried to grab the land of a 200 year old Hindu temple.
Local Hindu villagers unitedly resisted the land grab attempt. The police rushed to the spot and controlled the… pic.twitter.com/BivPBVKyNp
— Hindu Voice (@HinduVoice_in) September 12, 2025
बीरभूम जिले के इलामबाज़ार क्षेत्र में एक लगभग 200 वर्ष पुराने हिंदू मंदिर की भूमि पर कब्जा करने की कथित कोशिश को लेकर भी तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप था कि टीएमसी से जुड़े कुछ मुस्लिम नेताओं ने मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। जैसे ही ग्रामीणों को अतिक्रमण की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और उसकी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और मंदिर की जमीन को अतिक्रमण से बचाने की मांग की।
पहलगाम आतंकी हमले पर पोस्ट करने वाली हिन्दू महिला को धमकियाँ
2 Islamists claiming to be members of @BSF_India & TMC are threatening to kidnap & rap€ a Hindu girl Priyanka Dutta for posting about the #PahalgamTerroristAttack on social media in West Bengal
Such pro-Pakistan@hindupost @HinduVoice_in @tathagata2 @abhijitmajumder @keyakahe pic.twitter.com/BxTEluxoxm
— Vladimir Adityanath (@VladAdiReturns) April 25, 2025
उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर-कल्याणगढ़ क्षेत्र में रहने वाली हिंदू महिला प्रियंका दत्ता का मामला भी व्यापक चर्चा में रहा। पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के बाद प्रियंका दत्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें अपहरण और बलात्कार की धमकियां दी गईं। पीड़िता के अनुसार, आतंकवादियों के खिलाफ वीडियो साझा करने के बाद टीएमसी छात्र परिषद से जुड़े बताए जा रहे एमजे मारूफ सहित कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाया। “मिस्टी मेयर दुस्तो चेला” नामक सोशल मीडिया यूज़रनेम से कथित धमकी भरे संदेश भेजे गए। पीड़िता का आरोप था कि उनका मोबाइल नंबर कुछ इस्लामिक सोशल मीडिया समूहों में साझा कर दिया गया, जिसके बाद लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने तथा दुष्कर्म की धमकियां मिलने लगीं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दबाव बनाकर सोशल मीडिया वीडियो हटवाया गया। घटना के बाद इलाके में भय और चिंता का माहौल देखा गया।
मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में टीएमसी पार्षद मेहबूब आलम पर गंभीर आरोप, हाई कोर्ट समिति की रिपोर्ट में नाम शामिल
मुर्शिदाबाद जिले में अप्रैल 2025 में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में स्थानीय टीएमसी पार्षद मेहबूब आलम का नाम शामिल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस की ओर से कथित लापरवाही बरती गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। रिपोर्ट में मेहबूब आलम को हिंसा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया गया। समिति के अनुसार, हिंसा के दौरान वे कथित तौर पर दंगाइयों के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनके नेतृत्व में अलग-अलग इलाकों से लोग नकाब पहनकर आए और हिंसक घटनाओं में शामिल हुए। प्रभावित हिंदू परिवारों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मुर्शिदाबाद में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर विवाद, हिंदुओं को धमकी देने का आरोप
इसी जिले में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के एक कथित बयान को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने चुनावी सभा के दौरान हिंदुओं को भगीरथी नदी में “दो घंटे के भीतर डुबोने” जैसी धमकी दी। स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने इस बयान को सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला बताया। आरोप था कि विधायक ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे ऐसा कर सकते हैं, अन्यथा राजनीति छोड़ देंगे। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और हिंदू संगठनों ने इसे भय और तनाव फैलाने वाला बयान बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
संदेशखाली में टीएमसी नेता शाहजहां शेख पर महिलाओं के उत्पीड़न और भूमि कब्जाने के आरोप
संदेशखाली का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना। उत्तर 24 परगना जिले के इस क्षेत्र में टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों पर हिंदू महिलाओं के उत्पीड़न तथा जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप लगे। मामला तब सुर्खियों में आया जब 5 जनवरी 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम शाहजहां शेख के घर छापेमारी करने पहुंची। आरोप था कि उसके समर्थकों ने ईडी अधिकारियों पर हमला किया और कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने शाहजहां शेख तथा उसके सहयोगियों पर जमीन हड़पने, धमकाने और विरोध करने वाली महिलाओं को बंधक बनाकर यौन शोषण करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से इलाके में भय और दबाव का माहौल बना हुआ था। मामले ने राजनीतिक रूप से बड़ा रूप लिया और बाद में पुलिस ने शाहजहां शेख को गिरफ्तार कर लिया।
काली मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा, राम भजन गा रहे हिंदू श्रद्धालुओं पर हमले का आरोप
दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र में काली मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई हिंसा भी व्यापक चर्चा में रही। आरोप था कि राम भजन गा रहे हिंदू श्रद्धालुओं पर टीएमसी से जुड़े कुछ लोगों ने हमला कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, विसर्जन जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक बड़ी संख्या में लोगों ने हमला शुरू कर दिया। बताया गया कि लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से लैस हमलावरों ने श्रद्धालुओं पर हमला किया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष स्क़ शमिम और जहांगीर खान पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने बाइक सवार हमलावरों को भेजकर हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला करवाया और संपत्ति में आग लगाने के निर्देश दिए।
दक्षिण 24 परगना और मेटियाबुरूज में हिंसा, हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ का आरोप
इसके अलावा दक्षिण 24 परगना और कोलकाता के मेटियाबुरूज क्षेत्र में भी हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं ने तनाव पैदा किया। आरोप लगाया गया कि टीएमसी समर्थित इस्लामवादी समूहों ने हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाया। चरबिद्या और बागमारी क्षेत्रों में कई घरों में तोड़फोड़ की खबर सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों ने बंदूक और बमों का इस्तेमाल करते हुए दहशत फैलाने की कोशिश की। कई परिवारों को भय के कारण गांव छोड़ने तक की नौबत आ गई। इसी दौरान मेटियाबुरूज में भाजपा नेता के आवास पर हमले की घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।
बोलपुर में टीएमसी नेता पर महिला से दुष्कर्म और प्रताड़ना का आरोप
बीरभूम जिले के बोलपुर क्षेत्र में टीएमसी से जुड़े नेता फिरोज खान पर एक हिंदू महिला से दुष्कर्म और गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगे। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने बंदूक के दम पर उसे अगवा किया और अपने ग्वालघर में ले जाकर दुष्कर्म किया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में यह भी आरोप था कि आरोपी ने अमानवीय व्यवहार करते हुए महिला की अश्लील तस्वीरें खींचीं। घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
दक्षिण 24 परगना में टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या से सनसनी, छह लोगों पर आरोप
दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग क्षेत्र में टीएमसी से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं की हत्या ने भी सनसनी फैला दी थी। इस घटना में गोपालपुर ग्राम पंचायत सदस्य स्वपन मांझी सहित दो अन्य कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। पुलिस जांच में रफीकुल सरदार को मुख्य आरोपी बताया गया, जबकि पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया।
बीरभूम में टीएमसी नेता शेख आलम के बयान पर विवाद, चुनावी सभा में दिया था ‘4 नए पाकिस्तान’ वाला बयान
विधानसभा चुनाव 2021 से पहले बीरभूम जिले के ननूर क्षेत्र में टीएमसी नेता शेख आलम के कथित बयान ने भी बड़ा विवाद खड़ा किया। आरोप था कि उन्होंने चुनावी सभा में कहा कि यदि मुसलमान एकजुट हो जाएं तो “चार नए पाकिस्तान” बनाए जा सकते हैं और हिंदुओं के पास कहीं जाने की जगह नहीं बचेगी। इतना ही नहीं, उन पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने कहा कि वे चाहें तो कुछ ही मिनटों में हिंदुओं को इलाके से हटा सकते हैं। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया।
हावड़ा में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हिंसा, पोस्टर फाड़ने और पथराव का आरोप
हावड़ा जिले के शिबपुर क्षेत्र में 2017 में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा भी लंबे समय तक चर्चा में रही। आरोप था कि टीएमसी से जुड़े कुछ मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने रामनवमी के पोस्टर फाड़ दिए और शोभायात्रा पर हमला किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान अचानक कांच की बोतलें फेंकी गईं और पथराव शुरू हो गया, जिससे भगदड़ मच गई। इस हिंसा में कई हिंदू श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर सामने आई।
















