पंजाब : धमाकों पर तमाशा
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पंजाब : धमाकों पर तमाशा

आज पंजाब एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है, देश के इस खड्गबाहू कहे जाने वाले सीमावर्ती राज्य के लिए यह नई बात नहीं परंतु चिंता का विषय है कि राज्य की बागडोर आज ऐसे दल के पास है जो तमाशों के आधार पर सत्ता में आया और सरकार में आने के बाद भी इन्हीं तमाशों का सहारा ले रहा है।

Written byराकेश सैनराकेश सैन
May 6, 2026, 09:51 pm IST
inविश्लेषण, पंजाब

आज पंजाब एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है, देश के इस खड्गबाहू कहे जाने वाले सीमावर्ती राज्य के लिए यह नई बात नहीं परंतु चिंता का विषय है कि राज्य की बागडोर आज ऐसे दल के पास है जो तमाशों के आधार पर सत्ता में आया और सरकार में आने के बाद भी इन्हीं तमाशों का सहारा ले रहा है। 5 और 6 मई की मध्य रात को पंजाब के जालंधर व अमृतसर में दो स्थानों पर धमाके हुए। धमाके होते ही सरकार हरकत में आ गई, अपराधियों की पहचान व उन्हें पकडऩे के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए। इन धमाकों के बाद 6 मई को जालंधर में ‘शुक्राना यात्रा’ के लिए आए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इन धमाकों के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ बताया।

पहले बात करते हैं पंजाब की बिगड़ी कानून व्यवस्था की, देश के हरित प्रांत में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं।

एक ही रात में दो धमाके, दोनो ही सुरक्षा बलों पर

पंजाब में 5-6 मई की रात को तीन घंटे अंतराल में जालंधर व अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल मुख्यालयों के बाहर जोरदार धमाके हुए। जालंधर में मंगलवार रात करीब 8.15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर एक स्कूटी में धमाका हुआ, जिससे मुख्यालय की दीवारें तक हिल गईं। धमाके की आवाज करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फिलहाल कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। उक्त पंक्तियां लिखे जाने तक एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है, लेकिन पहचान नहीं हो पाई है। स्कूटी चालक को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पूछताछ चल रही है।

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक खासा क्षेत्र में भी बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर मंगलवार की रात 10.50 पर जोरदार धमाका हुआ। एसएसपी सोहेल मीर कासिम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बाइक पर सवार दो नकाबपोशों ने विस्फोटक को हवा में उछालते हुए बीएसएफ हेडक्वार्टर की तरफ फेंका। दीवार के साथ लगते ही जोरदार धमाका हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह धमाका आइईडी लगाकर किया गया है। यह भी बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी कुख्यात गैंग्सटर शहजाद भट्टी ने इसकी जिम्मेदारी ली है। प्राथमिक जांच में बाइक पर सवार दो संदिग्ध दिखे हैं। पुलिस उनका खाका खंगाल रही है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार की रात 10.55 बजे खासा स्थित आर्मी कैंप पर आइईडी लगाकर हमला किया गया है। हमले में सैन्य क्षेत्र की दीवार क्षतिग्रस्त हुई है और लोहे की टीनें नीचे गिर गईं।

 

धमाकों का लंबा सिलसिला

बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया। 3 अप्रैल को चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था।
मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट की घटना भी सामने आई जिसकी जांच एनआईए ने की थी। इन घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने कई बड़ी कामयाबियां भी हासिल की हैं।

आतंकी मॉड्यूल व हथियारों की बरामदगी

पंजाब में हथियारों की बरामदगी व आतंकी मॉड्यूल की गिरफ्तारियां बताती हैं कि पूरी समस्या केवल आइसबर्ग की तरह है, जो दिखती कम और छिपी ज्यादा रहती है। अप्रैल 2026 में तरनतारन से भारी मात्रा में आरडीएक्स और आधुनिक हथियार बरामद कर एक बड़े हमले को टाल दिया गया।

जनवरी 2026 में होशियारपुर में बीकेआई से जुड़े मॉड्यूल से ढाई किलो आरडीएक्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। गुरदासपुर, नवांशहर और अमृतसर में भी हथियारों की बरामदगी ने संकेत दिया कि आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं। अंतराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है। अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं।

 

आईएसआई, खालिस्तानी तत्व व गैंगस्टरों का जहरीला घालमेल

विभिन्न जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स, आईएसआई और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी इन तीनों का जहरीला घालमेल राज्य के वातावरण को विषाक्त बना रहा है। इस पूरे परिदृश्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ नई चुनौती बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 400 से अधिक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिससे स्पष्ट हुआ कि संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच तालमेल बढ़ रहा है। यही नेटवर्क स्थानीय स्तर पर हमलों को अंजाम देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भूमिका निभा रहा है।

गुमराह हो रहे नौजवान

गत सप्ताह 30 अप्रैल को पंजाब में सीसीटीवी कैमरों से अपने ही देश की जासूसी करने का मामला प्रकाश में आया। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा से सटे राज्यों के संवेदनशील शहरों के सार्वजनिक इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजने के अलर्ट के कुछ ही दिनों बाद कपूरथला के कांजली रोड से आइएसआइ के लिए जासूसी का पर्दाफाश किया है। जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और कपूरथला पुलिस के साथ किए संयुक्त ऑपरेशन में फिरोजपुर के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक पाकिस्तान के नशा मंगवाने के मामले में वांछित था। जिस कारण आरोपित पुलिस की पकड़ में आए। इनके तीन और साथियों की पुलिस को तलाश है।

कपूरथला के जिस कांजली रोड पर आरोपितों ने दुकान किराए पर ली वहां से सेना की गतिविधियां देखी जा सकती थी। आरोपितों ने दुकान के बाहर खंबे पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जो सिम संचालित था जिसका एक्सेस पाकिस्तान के हैंडलर के पास भी था। पिछले 15 दिनों में 25 हजार के करीब सीसीटीवी फुटेज इन हैंडलर के पास पहुंची। आरोपित संदीप सिंह उर्फ सोनू निवासी छांगा खुर्द थाना ममदोट जिला फिरोजपुर ने पाकिस्तान ड्रग माफिया से पचास हजार रुपए लेकर एक किलो हेरोइन आगे सप्लाई की थी। जिसके बाद पुलिस को उसकी तलाश थी। इस मामले में संदीप के साथ सोना निवासी दोना मत्तड़ थाना लक्खों के बहिराम जिला फिरोजपुर भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपितों ने इस काम के लिए पाकिस्तानी हैंडलर से 35 हजार रुपए लिए थे। दोनों आरोपितों ने सवा महीने पहले कपूरथला के कांजली रोड पर दुकान किराए पर रही थी जहां वे लेडीज गारमेंट्स का काम कर रहे थे सुरक्षा के नाम पर उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगाए जो सेना क्षेत्र की रिकॉर्डिंग कर पाकिस्तान भेज रहे थे।

 

नशों से युवाओं का चरित्र पतन

कल 5 मई को बठिंडा से समाचार आया है कि जंटा सिंह नामक व्यक्ति का बेटा गुलाब सिंह नशे का आदी है। बीते दिनों उसने अपने घर की वाशिंग मशीन चोरी करके बेच दी और उससे नशा खरीद लिया। जंटा सिंह को अपने बेटे की इस हरकत का पता चला तो उसने गांव के गणमान्य लोगों को बताया जिन्होंने गुलाब सिंह को फटकारा। इसी से गुस्सा हो कर गुलाब सिंह ने अपनी गाड़ी से अपने पिता को ही कुचल कर उसकी हत्या कर दी। नशों के लिए अपनों का कत्ल करने की यह कोई पहली घटना नहीं, बल्कि नशापूर्ति के लिए घर का सामान बेचना, अपराध करना और विरोध करने पर अपनों की ही हत्या करना आम बात होती जा रही है। इन्हीं नशों की पूर्ति के लिए यहां का युवा गैंगस्टरों व देशद्रोही ताकतों का आसानी से शिकार हो रहे हैं।

विधानसभा में अल्कोहल टेस्ट का मांग

गत दिनों पंजाब में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान इस अंदाज में बोलते नजर आए कि विपक्ष को विधानसभा अध्यक्ष से मांग करनी पड़ी कि सदन में उपस्थित सभी सदस्यों का अल्कोहल मीटर से टैस्ट करवाया जाए। पाठकों के लिए बता दें कि अल्कोहल मीटर से यह टैस्ट किया जाता है कि अमुक व्यक्ति ने शराब पी रखी है या नहीं। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। मुख्यधारा का मीडिया खबर को पी गया परंतु सोशल मीडिया वह सबकुछ बोल रहा है जिसे पाठक आसानी से समझ सकता है।

पंजाब की बजाए खुद को बचा रही सरकार

आम आदमी पार्टी के पंजाब से छह और दिल्ली से 1 राज्यसभा सांसद के भारतीय जनता पार्टी में जाने के बाद पंजाब सरकार के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाए जाने लगे हैं। जितना मुंह उतनी बात, परंतु हर बात मुख्यमंत्री भगवंत मान को डरा रही है और उन्हें लगने लगा है कि कोई अनहोनी न हो जाए। यही कारण है कि उन्होंने अपनी सरकार की सारा शक्ति अपने ही सिपाही रहे इन सांसदों को सबक सिखाने में लगा रखी है। सांसद संदीप पाठक को पर्चे दर्ज करके घेरने की कोशिश हो रही है और उनकी तलाश में पंजाब पुलिस दिल्ली का चक्कर काट चुकी है। उद्योगपति सांसद पद्मश्री राजेंद्र गुप्ता के बरनाला स्थित ट्राईडेंट ग्रुप की फैक्ट्रियों पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सघन छापामारी हो चुकी है। भारत को क्रिकेट का विश्व कप दिलवा चुके सांसद हरभजन सिंह के घर के बाहर सरकार के समर्थक दीवारों पर गद्दार जैसे असभ्य शब्द लिख रहे हैं। अपनी राजनीतिक असुरक्षा के चलते मुख्यमंत्री अपने विधायकों को लेकर राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा कर चुके हैं। जब किसी राज्य का मुख्यमंत्री ही अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा हो तो राज्य की जनता कहां से अपने को सुरक्षित कहेगी।

 

जिम्मेवारी छोड़ आरोपबाजी में जुटे मुख्यमंत्री

पंजाब में हुए दो बम विस्फोटों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब में कहा कि इन धमाकों की जांच चल रही है। यह पंजाब चुनावों के लिए भाजपा की तैयारी है। भाजपा लोगों के बीच हिंसा और डर फैलाकर वोट हासिल करती है। मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि वह ऐसा करना बंद करे। पंजाब के लोग हमेशा शांति चाहते हैं। बीजेपी को जहां भी चुनाव लडऩा होता है, वह वहां जाकर झगड़े करवाती है। मान पंजाब के गृह मंत्री भी हैं।

भाजपा ने कहा, सबूत दो या इस्तीफा

वहीं भाजपा ने सीएम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से सीएम को अपने आरोपों के सबूत देने के लिए कहा गया है। साथ ही भाजपा ने कहा कि अगर बिना सबूत सीएम मान ने ये बात कही है तो इस्तीफा दें। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने भगवंत मान को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो वे भाजपा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर दिखाएं। भाजपा की तरफ से कहा गया कि लगता है कि भगवंत मान की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उनको इस्तीफा दे देना चाहिए और अपना सही इलाज करवाना चाहिए। पंजाब एक बॉर्डर वाला राज्य है और वे इसे मैनेज करने में पूरी तरह फेल हो गए हैं। भाजपा पर कीचड़ उछालकर जो गंदी पॉलिटिक्स कर रहे हैं, वह उनकी घटिया सोच का सबूत है। पंजाब के लोग पिछले साढ़े 4 साल से गोलियों, धमाकों, हत्याओं और रोज़ाना होने वाली घटनाओं से परेशान हैं, जो आप की निकम्मी सरकार की देन है। भाजपा के लिए पंजाब की शांति और भाईचारा सबसे जरूरी और सबसे पहले है। भाजपा हमेशा पंजाब के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।

 

जाखड़ बोले-धमाकों से ज्यादा सीएम का बयान चिंताजनक

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि जालंधर और अमृतसर में हुए बम धमाके गंभीर चिंता का विषय हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान है। जहां एक तरफ पंजाब के डीजीपी इन घटनाओं के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ होने की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री, राजनीति से प्रेरित होकर, गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उनके बयानों से घबराहट और अपनी कुर्सी खोने का डर साफ झलकता है। बेहतर होगा कि वे अपनी कुर्सी की चिंता करना छोड़ दें और इसके बजाय पुलिस को अपना असली काम करने दें, न कि उनका इस्तेमाल विधायकों पर नजर रखने के लिए करें। अगर विधायकों ने पार्टी छोडऩे का फैसला कर ही लिया है, तो पुलिस की कितनी भी तैनाती उन्हें रोक नहीं पाएगी।

विपक्ष भी मान पर भड़का

कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने कहा कि पंजाबियों को भगवंत मान के राजनीतिक जोक्स या लाखों की शोहरत नहीं चाहिए, बल्कि एक सुरक्षित माहौल चाहिए। अगर आप राज्य को संभाल नहीं सकते, तो गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दें; पंजाब को बारूद का एक और ढेर न बनाएं!

बाजवा बोले-महज संयोग नहीं मान सकते

वहीं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि एक ही दिन में एक के बाद एक हुए धमाकों को महज एक संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पंजाब सरकार को इन घटनाओं के पीछे के लोगों की पहचान करने और उन्हें सजा दिलाने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे समय में जब कई तरह की साजिशों की बातें चल रही हैं और आम जनता में डर फैल रहा है, प्रशासन चुप या लापरवाह नहीं रह सकता। पंजाब पहले से ही युवाओं में बेरोजगारी और अवसरों की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। शांति और स्थिरता को बिगाडऩे की कोई भी कोशिश हमारे लोगों के बीच अनिश्चितता की भावना को और गहरा ही करेगी। पंजाब अब अस्थिरता के एक और दौर का सामना नहीं कर सकता। कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनता का भरोसा फिर से जीतना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

खुफिया तंत्र की विफलता-मजीठिया

वहीं अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि दोनों धमाके बीएसएफ ठिकानों, सेना और अर्धसैनिक बलों की छावनियों के बाहर हुए। पंजाब भारत-पाक सीमा से सटा एक संवेदनशील राज्य है। यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं है, बल्कि सुरक्षा और खुफिया तंत्र के तालमेल की एक भयानक विफलता है। यह पूरी तरह से खुफिया तंत्र की विफलता है। ऐसा लगता है कि सुरक्षा से जुड़े सभी पक्ष गहरी नींद में सोए हुए हैं, जबकि सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा को दांव पर लगाया जा रहा है। जब खासा, बीएसएफ जोन और रेलवे ट्रैक जैसे संवेदनशील इलाके भी अब सुरक्षित नहीं रहे, तो आम पंजाबियों की सुरक्षा के लिए आखिर बचा ही क्या है ?

 

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राकेश सैन
वरिष्ठ पत्रकार। पंजाब के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर लेखन। [Read more]
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श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

धर्म और राष्ट्र अलग नहीं…  दुनिया को भारत से है समाधान की उम्मीद: सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

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