कांग्रेस पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दल विधानसभा चुनाव में मिली हार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ईवीएम और वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं. पुडुचेरी और असम में मिली बड़ी पराजय को गांधी परिवार पचा नहीं पा रहा है.
असम में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से हार गए. गौरव कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे. वर्तमान में वह जोरहाट से लोकसभा सांसद हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से 12130 मतों से आगे रहे थे. मगर 2026 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर गोगोई 23182 मतों से हार गए. यह हार कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश है. कांग्रेस का लोकसभा में उपनेता का विधानसभा चुनाव हारना यह दिखाता है कि वह लोकसभा चुनाव के बाद अपनी बड़ी राजनीतिक जमीन खो चुकी है.
गोगोई की हार का संदेश पूरे देश में जाएगा
गोगोई की हार का असर सिर्फ असम तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसकी गूंज संसद और पूरे देश में जाएगी. गौरव लोकसभा में पार्टी के उपनेता हैं. अतएव जनता का यह निर्णय कांग्रेस के सांसदों और केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ भी है. इस चुनावी दौर के बाद राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाकर अपनी पार्टी की हार से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं.
कांग्रेस के लिए पुडुचेरी की हार सबसे ज्यादा झटका देने वाली
कांग्रेस के लिए केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी की बुरी हार सबसे ज्यादा झटका देने वाली है. कांग्रेस ने दो बार के मुख्यमंत्री और वर्तमान में लगातार दो बार के सांसद वी. वैथिलिंगम को थट्टनचावडी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था. वी. वैथिलिंगम को कांग्रेस पार्टी नीत गठबंधन ने अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह अपनी जमानत भी नहीं बचा सके. वी. वैथिलिंगम 2990 (12.68 %) मत प्राप्त करके इस सीट पर चौथे पायदान पर रहे. 2024 के लोकसभा चुनाव में वी. वैथिलिंगम थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर 11324 (51.62%) मत प्राप्त करके प्रथम पायदान पर थे. असम में भी कांग्रेस को इसी प्रकार की मुंह की खानी पड़ी और लोकसभा सांसद और विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई विधानसभा चुनाव हार गए.
जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश
असम में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की हार और पुडुचेरी में वी. वैथिलिंगम का जमानत जब्त होने से कांग्रेस जनता का ध्यान भटकाने का पूरा प्रयास ईवीएम और वोट चोरी के मार्फत से करना चाह रही है. कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव में पुडुचेरी सीट पर 30 विधानसभा सीटों में 28 पर आगे थी. कांग्रेस के एक बड़े तबके को उम्मीद थी कि पार्टी बड़े बहुमत के साथ सरकार बना सकती है. मगर वह अपने पुराने प्रदर्शन को भी नहीं दोहरा सकी और महज एक सीट ही जीत सकी. गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दो सीट जीती थी.
कांग्रेस की हालत और होगी खराब
इन विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस की स्थिति और भी खराब होने की संभावना है. पार्टी के दो बार के असम के नौगांव के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पहले ही पार्टी की सदस्यता त्याग कर भाजपा में शामिल हो गए हैं.
राहुल गांधी चुनाव आयोग द्वारा घोषित केरल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव परिणाम की तारीफ करते हुए सरकार बनाने की संभावना तलाश रहे हैं. केरल में कांग्रेस नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रही है, वहीं तमिलनाडु में अभिनेता विजय के पार्टी को समर्थन देकर खुद भी सरकार में भागीदार बनने की जुगत लगा रही है. अगर भाजपा व एनडीए तमिलनाडु और केरल में भी चुनाव जीत जाती तो राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी उसका भी विरोध करती.
ममता इसलिए बना रहीं बहाना
ममता बनर्जी अपने पार्टी की एकजुटता बनाये रखने के लिए परेशान हैं और इसके लिए चुनाव में गलत हार का बहाना बना रही हैं. ममता बनर्जी को भय है कि उनकी भी पार्टी के सांसद और विधायक आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों की तरह पार्टी छोड़कर भाजपा या अन्य दलों में मिल सकते हैं. इसके अलावा ममता बनर्जी को आभास है कि अब राज्य की सत्ता उनके हाथों में आने वाली नहीं हैं अतएव वो इस तरह का मिथ्या प्रलाप कर रही हैं.
क्या यहां वोट चोरी का बहाना चलेगा
वहीं स्टालिन और पी विजय और उनकी पार्टियां अपने हार के कारणों का मंथन करते हुए अपनी स्थिति स्थिति को सुधारने के रास्ते खोज रही हैं. कांग्रेस असम की सामगुरी विधानसभा की सीट उपचुनाव में पचीस हज़ार से अधिक मतों के अंतर से हार गई थी. मगर इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत गई है. कांग्रेस का पश्चिम बंगाल में विगत विधानसभा में एक भी विधायक नहीं था मगर इस बार कांग्रेस पार्टी के दो विधायक निर्वाचित हुए हैं. केरल में कांग्रेस पार्टी की सीट 21 से बढ़कर तीन गुनी 63 हो गई हैं तो क्या यहां ईवीएम और वोट चोरी नहीं हुई. इन पांच प्रदेशों में कांग्रेस 2021 में 70 सीट ही जीत सकी थी जो अब बढ़कर 90 हो गई हैं. क्या कांग्रेस के इस सीट बढ़ने के पीछे भी वही तर्क लागू होता हैं जो राहुल गांधी दे रहे हैं ?

















