नैनीताल : जिलाधिकारी ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर फीस से लेकर, किताब और ड्रेस के नाम पर पेरेंट्स पर तरह-तरह के दबाव बनाने वाले 17 स्कूलों को नोटिस जारी कर अल्टीमेटम दिया गया है। इन सभी स्कूलों को मुख्य शिक्षा अधिकारी की तरफ से स्पष्ट आदेश दिए गए हैं। इन्हें दो हफ्ते सुधार लाने के लिए दिए गए हैं।
सीईओ ने दिए सख्त निर्देश
1. 15 दिन के भीतर संशोधित बुक लिस्ट जारी करें
2. केवल आवश्यक व एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों को प्राथमिकता दें
3. वेंडर/दुकान की अनिवार्यता तत्काल समाप्त करें
4. वेबसाइट पर बुक लिस्ट व फीस संरचना सार्वजनिक करें
5. अतिरिक्त शुल्क का समायोजन/रिफंड करें
कार्रवाई की चेतावनी
निर्देशों का पालन न करने पर मान्यता निलंबन/समाप्ति, जुर्माना व अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही 15 दिन के भीतर संयुक्त जांच समिति द्वारा निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
इन स्कूलों को भेजा गया नोटिस
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंदराम जायसवाल ने राइट टू एजुकेशन 2009, सीबीएससी दिशा-निर्देश एवं कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 का हवाला देते हुए इसे नियमों का उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार करने पर 17 स्कूलों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों में देवभूमि सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानपुर पश्चिम, गुरु द्रोणा पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल, बीएलएम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वुडब्रिज स्कूल भीमताल, मल्लिकार्जुन स्कूल भीमताल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल पीरुमदारा रामनगर, ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल रामनगर, गार्डन वैली पब्लिक स्कूल रामनगर, आर्यमन विक्रम बिड़ला स्कूल हल्द्वानी, दून पब्लिक स्कूल नवाबी रोड, विस्डम पब्लिक स्कूल रामपुर रोड, आईएसएसएस स्कूल, एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल रामपुर रोड, किंग्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शेमफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोटाहल्दू तथा हिमालया विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।
जांच में सामने आया स्कूलों का खेल
1. एनसीईआरटी के अलावा महंगी निजी पुस्तकों को अनिवार्य करना
2. किताबों का अनुपात कई कक्षाओं में दो-तीन गुना तक अधिक
3. विशेष दुकानों/विक्रेताओं से खरीदारी के लिए दबाव
4. स्कूल वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का अभाव











