कॉर्पोरेट ड्रेस कोड विवाद : सिंदूर-बिंदी से दूरी फिर हिजाब क्यों जरूरी?
September 26, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

कॉर्पोरेट ड्रेस कोड विवाद : सिंदूर-बिंदी से दूरी फिर हिजाब क्यों जरूरी? सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के मन में प्रश्न

क्या भारतीय कॉर्पोरेट्स में हिंदू धार्मिक प्रतीकों के प्रति भेदभाव हो रहा है? लेंसकार्ट और इंडिगो एयरलाइंस की ग्रूमिंग पॉलिसी में बिंदी-सिंदूर बनाम हिजाब को लेकर छिड़ी बहस। जानिए क्यों सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं तीखे सवाल और क्या है कंपनियों की सफाई।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Apr 29, 2026, 05:07 pm IST
inभारत, विश्लेषण, मत अभिमत, सोशल मीडिया
Lenskart Indigo Dress Code Controversy Bindi vs Hijab

कॉर्पोरेट ड्रेस कोड विवाद: सिंदूर-बिंदी और हिजाब बहस

भारतीय कॉर्पोरेट्स इन दिनों चर्चा में है। यह सब शुरू हुआ था, टीसीएस में घटी एक घटना से, जिससे पता चला कि कैसे कॉर्पोरेट स्तर पर भी जिहाद हो सकता है और उसके बाद एकदम से ही ऐसे कई कॉर्पोरेट्स की नीतियाँ सामने निकलकर आने लगीं, जिन्हें भारत के लोग बहुत ही अच्छा मानते थे या फिर यह कहा जाए कि जहां काम करने का लगभग सभी का सपना रहता था। ये नीतियाँ ऐसी थीं, जिनपर सहज विश्वास ही नहीं हो सकता था। जिनपर यकीन करना लगभग नामुमकिन ही था।

हिंदू प्रतीकों को लेकर सवाल

मगर ये सब सच था। और यह ऐसा सच था, जो न ही दबा छिपा था, न ही परदे में था, सामने ही था, मगर उस पर सहज ध्यान नहीं था। वह सच था हिन्दू प्रतीकों से दिल से नफरत! हिन्दू धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों से जो नफरत थी, वह अब खुलकर सतह ओर आ गई। जबकि हिजाब जैसे प्रतीक उनके लिए गर्व का विषय है।

समानता के सिद्धांत पर बहस

हिजाब पर गर्व करना या न करना एक अलग बात है, उससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, बशर्ते यही गर्व का भाव हिंदुओं के धार्मिक प्रतीकों को भी प्राप्त हो।

ड्रेस कोड में असमानता के आरोप

दुर्भाग्य की बात यह है कि एक तरफ हिन्दू प्रतीक जैसे कि बिंदी, सिंदूर, कलावा आदि को नीतियों में शामिल नहीं किया जाता है तो वहीं हिजाब, जिसकी अनिवार्यता को लेकर मुस्लिम देशों की महिलाएं आंदोलन कर रही हैं, उस पर कोई रोक नहीं है। ऐसा क्यों कि लेंसकार्ट से लेकर इंडिगो एयरलाइंस में हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीक तो स्थान पा रहे हैं, परंतु बिंदी या सिंदूर और कलावा नहीं? हिन्दू प्रतीकों को लेकर इस सीमा तक नकार का कारण क्या है, यह भी सहज समझ में नहीं आता है।

लेंसकार्ट विवाद की शुरुआत

टीसीएस में हुए कॉर्पोरेट जिहाद के बीच चश्मे और धूप के चश्मे एवं कान्टैक्ट लेंस वाली भारतीय कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर यह विवाद पहली बार सामने आया। यह प्रश्न पहली बार सामने आया कि आखिर बिंदी क्यों यूनिफ़ॉर्म में गैर जरूरी हो गई और हिजाब पर कोई रोकटोक नहीं?

अंतर्राष्ट्रीय मानकों का तर्क

इसके पीछे अंतर्राष्ट्रीय मानकों का तर्क दिया जाता है। परंतु अंतर्राष्ट्रीय मानक भारतीय बाजार पर क्यों लागू होंगे और वह भी ड्रेस के मामले में? बाजार स्थानीय लोक के लिए होता है, स्थानीय लोक के अनुसार होता है और स्थानीय लोक के कारण होता है। देखा जाए तो लेंसकार्ट जैसे ब्रांडस के सबसे बड़े ग्राहक हिन्दू ही होते हैं। मगर बिंदी या सिंदूर वाले माथे के साथ लेंसकार्ट के चश्मे का विज्ञापन ही नहीं आता।

विज्ञापनों में धार्मिक प्रतीकों की अनुपस्थिति

नो बिंदी, नो बिजनिस के बाद कुछ-कुछ ब्रांडस बिंदी तो कभी कभी अपने विज्ञापनों में प्रयोग करने लगे हैं, परंतु शेष प्रतीक जैसे कि सिंदूर तो लगभग हर उत्पाद के विज्ञापनों से गायब है। क्या यह समझा जाए कि जो भी ब्रांडस हैं, वे बिंदी और सिंदूर लगाने वाली महिलाओं को ध्यान में रखकर उत्पाद बनाते ही नहीं हैं?

लेंसकार्ट की प्रतिक्रिया

हालांकि लेंसकार्ट ने माफी मांगते हुए नई ड्रेस कोड जारी कर दी, मगर उससे खास फर्क नहीं पड़ा है, क्योंकि असलियत जाहिर हो चुकी है।

इंडिगो एयरलाइंस : हिजाब वाली पायलट स्वीकार, मगर बिंदी और सिंदूर नहीं

लेंसकार्ट का विवाद जहां अभी जारी है, वहीं सोशल मीडिया पर भारत की दो मुख्य एयरलाइंस की गाइडलाइंस भी सामने आईं। जिनमें हिन्दू महिलाओं के धार्मिक प्रतीकों को लेकर वही नकार का भाव था, जो लेंसकार्ट में देखा गया था या फिर जो अमूनन अधिकांश भारतीय कॉर्पोरेट्स में देखा जाता है।

बात एयर इंडिया की, जिसके मैन्युअल को लेकर विवाद हुआ था। यह कहा गया था कि एयर इंडिया में बिंदी पर रोक है। इस पर एयर इंडिया की तरफ से सफाई आई थी कि वह पुराना मैन्युअल था और एयर इंडिया में बिंदी पर कोई रोक नहीं है। हाँ, बिंदी का एक आकार तय है और इंडो-वेस्टर्न ड्रेस पर बिंदी की अनुमति नहीं।

हिजाब और पायलट का मामला

और अब इंडिगो एयरलाइंस की एक ऐसी खबर सामने आई है, जिससे एक बार फिर से यह सामने आया है कि हिन्दू धर्म के सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों के प्रति दृष्टि कहीं न कहीं संकुचित है! इंडिगो एयरलाइंस को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि बिंदी और सिंदूर नहीं पहन सकते हैं, मगर वर्ष 2025 में इंडिगो में सलवा फातिमा (Salwa Fatima) पहली ऐसी पायलट बनी, जिसकी पहचान यह बनी कि वह पहली हिजाब पहनने वाली पायलट है।

कॉर्पोरेट सफाई और सवाल

इंडिगो एयरलाइंस का कहना है कि वे सभी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार करते हैं। अब ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि विश्व में कई इस्लामिक मुल्क हैं, जहां पर लड़कियों को हिजाब न पहनने के कारण मौत के घाट तक उतार दिया जाता है। जहां पर हिजाब की आड़ में लड़कियों को घरों में ही कैद कर दिया गया है, ऐसे में जब मीडिया भी इस बात को गर्व से कहता है कि पहली हिजाब पहनने वाली महिला पायलट, तो क्या ऐसे में वह उन लाखों लड़कियों के संघर्ष और घावो पर नमक नहीं बुरक रहा है, जो अनिवार्य हिजाब के नियम के चलते जान तक गंवा रही हैं? या फिर वह खुद ही ग्लैमराइज़ नहीं कर रहा है?

पेशेवर लुक बनाम धार्मिक पहचान

और इंडिगो एयरलाइंस ने अपनी सफाई में यह कहा है कि उसकी ग्रूमिंग पॉलिसी का उद्देश्य केवल पेशेवर लुक बनाए रखना है, न कि किसी धार्मिक पहचान को दबाना!

तो फिर यह भी प्रश्न उठता है कि बिंदी और सिंदूर या कलावा या मंगलसूत्र से कैसे पेशेवर लुक खराब हो सकता है और कैसे बिंदी, सिंदूर, कलावा या मंगलसूत्र से सुरक्षा को खतरा हो सकता है?

कॉर्पोरेट नीतियों पर व्यापक बहस

खैर! ये तो बानगी है, परंतु कई कॉर्पोरेट्स में ग्रूमिंग पॉलिसी के नाम पर ऐसे तमाम नियम हैं, जो कहीं न कहीं हिन्दू आस्थाओं को चोट पहुंचाते हैं, जैसे कि इन मामलों के बाद स्क्रीन शॉट्स वायरल हुए थे। अब ऐसा क्यों है, इस पर चर्चा आवश्यक है कि क्यों बिंदी, सिंदूर और कलावा कॉर्पोरेट्स के लिए अस्वीकार्य होते जा रहे हैं?

Topics: Indigo Airlinesग्रूमिंग पॉलिसीCorporate ControversyBindi Sindoor ControversylenskartGrooming Policyधार्मिक प्रतीकCorporate dress code controversy Indiabindi sindoor vs hijab debatePanchjanya newsLenskart uniform policy issueIndigo airlines grooming policy Indiasocial media trendreligious symbols workplace Indiaसोशल मीडिया ट्रेंडcorporate India cultural identity debatereligious identityworkplace dress code religion India
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Varanasi Manikarnika Ghat Cleanliness Drive Ganga River Waste Removal Rajesh Shukla Panchjanya

उत्तराखंड: नमामि भारतम् के तहत हरिद्वार में गूंजा ‘पूर्ण वंदे मातरम्’

Varanasi Manikarnika Ghat Cleanliness Drive

वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटते ही बड़ा अभियान: मणिकर्णिका घाट की तलहटी से निकला 100 किलो कपड़ा!

Varanasi Bulldozer Action Zaika Restaurant Demolition VDA Kachhari Road Widening Panchjanya

वाराणसी में फिर चला बुलडोजर: फोर लेन सड़क के रास्ते में आ रहे ‘जायका रेस्टोरेंट’ का अवैध निर्माण ध्वस्त!

Varanasi Kashi Air Show 2026 Namo Ghat Police Review Mohit Agarwal Panchjanya

काशी के आसमान में दिखेगा वायुसेना का गर्जन: 30 लाख की भीड़ संभावित; नमो घाट पर एयर शो की तैयारियां तेज!

RSS Vijayadashami Utsav Nagpur Reshimbag Sarsanghchalak Mohan Bhagwat Sanjay Gupta Panchjanya

संघ के विजयादशमी उत्सव में मुख्य अतिथि होंगे दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता, रेशिमबाग में होगा भव्य आयोजन

FSSAI Paneer Draft Rules Non Dairy

अब बिना दूध के नहीं बिकेगा ‘पनीर’! FSSAI का बड़ा फैसला: जारी हुआ सख्त मसौदा नियम, जानें किसे होगा असर

Load More

ताज़ा समाचार

कल का मौसम: 27 सितंबर को 19 राज्यों में ‘मूसलाधार बारिश’, 5 राज्यों में गिरेंगे ओले; IMD का बड़ा अलर्ट

पितृ पक्ष

पितृ पक्ष में क्यों किया जाता है श्राद्ध? जानिए नर्मदा, गया और पितृ तर्पण से जुड़ी मान्यताएं

27 सितंबर का पंचांग

कल का पंचांग: 27 सितंबर से पितृपक्ष शुरू, प्रतिपदा श्राद्ध के लिए ये है शुभ समय; जानें राहुकाल समेत पूरा पंचांग

CM माझी ने कहा- पंडित दीनदयाल का ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ ही समृद्ध ओडिशा की नींव 

Gold Rate Today

Gold Rate Today: सस्ता हुआ सोना, दिल्ली से लखनऊ और मुंबई तक चेक करें आज का ताजा भाव

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों 2026 में स्वर्ण पदक जीता

Asian Games 2026: भारत का कबड्डी में डबल धमाका, पहले बेटियों ने जीता गोल्ड, फिर पुरुष टीम ने ईरान को हराकर रचा इतिहास

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर(बाएं) और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान और शहबाज शरीफ की फजीहत

आज का मौसम

UP Weather: यूपी में 27 सितंबर तक बरसेंगे बादल, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

EPFO

आपके बाद किसे मिलेगा PF का पैसा, नॉमिनी को लेकर EPFO का ये नियम जरूर जान लें

कार्यक्रम

देहरादून में ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम, 1,272 लोगों ने लिया हिस्सा; विद्यार्थियों में जगा राष्ट्रभाव

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies