भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में बड़ी जीत हासिल करके आगामी विधानसभा चुनव के लिए बड़ा संदेश दिया है. भाजपा ने सभी 15 महानगरपालिकाओं पर कब्जा बरकरार रखा है। 84 नगरपालिकाओं में से 78 पर भाजपा ने जीत हासिल की। 34 जिला पंचायतों में से 33 पर भाजपा का कब्जा हुआ है। 260 तालुका पंचायतों में से 253 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं।
भाजपा का कोई प्रतिस्पर्धी नहीं
भाजपा ने इन चुनाव परिणामों से यह साबित कर दिया है कि पूर्व के चुनावों की तरह ही आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का कोई भी प्रतिस्पर्धी नहीं है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी को एक दूसरे से दूसरे पायदान के लिए लड़ाई लड़नी है. भाजपा ने शहरी निगमों में बड़ी जीत हासिल करने के साथ ही नगर पालिकाओं और पंचायतों में अपना दबदबा बनाए रखा है. जहाँ भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस पार्टी की शर्मनाक हार हुई है. जबकि आम आदमी पार्टी को नाममात्र का फायदा हुआ है. कांग्रेस अब राज्य में तीसरे पायदान पर पहुंच गई है.
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए राज्य में यह गहरा झटका है. स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी की भूमिका के साथ ही उम्मीदवारों का अपना व्यक्तिगत जनता के साथ मेल-जोल की भी बड़ी भूमिका होती है. इस चुनाव परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा पार्टी के तौर पर और इसके नेतागण व्यक्तिगत तौर पर जनता के साथ कदम से कदम मिलाकर उनके साथ चल रही है.
भाजपा ने सभी को चौंकाया
गुजरात के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनाव में 15 महानगरपालिका, 84 नगर पालिका, 34 जिला पंचायत और 260 तालुका पंचायतें शामिल थीं. जिसमें भाजपा ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाते हुए विपक्षी दलों के लिए नए सिरे से अपनी रणनीति बनाने का एक मौका दिया है. स्थानीय निकाय चुनाव के कुल 10,050 सीटों में से 732 पर निर्विरोध चुनाव परिणाम आ चुके थे. भाजपा ने सभी 15 महानगरपालिकाओं पर एकतरफा जीत हासिल की है. सभी नगर निगमों में आधा या 50 प्रतिशत का का आंकड़ा पार करके शहरी मतदाता वर्ग को अपने साथ बनाये रखा है. भाजपा ने जनता के बीच अपनी लगातार उपस्थिति और जन सरोकार के कार्यों से इस तरह की लगातार जीत प्राप्त कर रही है.
सूरत में आम आदमी पार्टी की हालत खस्ता
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में सूरत नगर निगम पर सबकी नजर टिकी थी, जहां पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था. विगत नगर निगम के चुनाव में आप ने 27 सीट जीतकर भाजपा को एक संदेश दिया था कि आगामी चुनाव में वह टक्कर देगी मगर आप इस बार महज चार सीटों पर सिमट गई. भाजपा ने सूरत नगर निगम में इस बार 115 सीटों पर जीत दर्ज की है.
भाजपा का हर जगह शानदार प्रदर्शन
शहरी इलाकों के अलावा भाजपा ने अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाको में भी अपने दबदबे को बनाये रखा है. नगर पालिका में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 84 नगर पालिका में 76 में जीत दर्ज की है और कांग्रेस महज 8 में ही जीत सकी है. आप का इसमें खाता भी नहीं खुल सका है.
ग्रामीण गुजरात में भी दबदबा
ग्रामीण गुजरात जो एक समय कांग्रेस पार्टी का गढ़ माना जाता था, वहां भी भाजपा अपना परम्परागत दबदबा बनाये रखते गए 34 जिला पंचायतों के कुल 1,090 सीटों में आधे से अधिक 568 सीटों पर जीत दर्ज की है. भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 34 जिला पंचायतों में 33 में में जीत दर्ज की है.
तालुका पंचायतों में बेजोड़ प्रदर्शन
तालुका पंचायतों में भी भाजपा के शानदार प्रदर्शन का क्रम जारी रहा और 260 तालुका पंचायत के कुल 5,234 सीटों में भाजपा ने 2,397 सीटें जीतने में सफलता प्राप्त की. कांग्रेस ने भाजपा के एक चौथाई सीट 591 ही जीत सकी वहीं अन्य को महज 329 सीटें ही मिलीं. भाजपा ने कुल 260 तालुका पंचायतों में 253 पर जीत दर्ज की है वहीं कांग्रेस और आप को महज सात तालुका पंचयतों से संतोष करना पड़ा है.
यह चुनाव परिणाम भाजपा के लिए खुशी तो कांग्रेस के परेशानी का सबब लेकर आया है. 1995 से जब से भाजपा ने गुजरात में सत्ता प्राप्त की है तब से कांग्रेस पार्टी ही भाजपा की मुख्य विरोधी थी मगर अब आप के गुजरात में उभार के बाद अब कांग्रेस पार्टी वहां तीसरे पायदान की पार्टी बनती जा रही है.
मोरबी और पोरबंदर में क्लीन स्वीप
मोरबी और पोरबंदर नगरपालिकाओं में भाजपा ने 52 में से 52 सीटें जीत ली हैं। सूत्रापाड़ा की 24 में से 24 और मंडवी नगरपालिका की सभी 36 सीटों पर भी भाजपा का कब्जा रहा। जूनागढ़ की ऊना नगरपालिका में भाजपा ने 36 में 36 और सुरेंद्रनगर के पाटड़ी नगरपालिका में 24 में से 24 सीटों पर जीत हासिल की।

















