नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिका को एक नया दो-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया है। इसमें सबसे पहले होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात कही गई है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से कहा कि पहले वो क्षेत्रीय युद्ध को समाप्त करे और होर्मुज को खोले फिर उससे परमाणु मुद्दे पर बातचीत होगी। दरअसल ईरान चाहता है कि पहले होर्मुज स्ट्रेट खुले उसके बाद के चरण में अमेरिका परमाणु मुद्दे पर बात करे। दूसरी तरफ अमेरिका पहले ही साफ कर चुका है कि शांति वार्ता के किसी भी चरण में सबसे पहले बात परमाणु मुद्दे पर होगी।
पाक और ओमान के जरिए अमेरिका को भेजा प्रस्ताव
ईरान ने प्रस्तावित दो-चरणीय योजना को पाकिस्तान और ओमान के जरिए वॉशिंगटन तक भेजा है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा से खोलने और नाकेबंदी को खत्म करने की बात कही गई है। ईरान का साफ कहना है कि इसके बाद ही युद्धविराम और स्थायी शांति को लेकर बातचीत होगी। ईरान चाहता है कि शांति वार्ता के पहले चरण में अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोले और अपने नाकेबंदी को हटाए। इसके बाद के अगले चरण में युद्ध विराम या स्थायी शांति समझौता लागू हो। इसके बाद फिर परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता शुरू हो। हालांकि अभी अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अमेरिका, ईरान के इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। अभी इसे लेकर अमेरिका ने अपनी अंतिम स्वीकृति नहीं दी है।
US चाहता है 10 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोके ईरान
दूसरी तरफ अमेरिका ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाना चाहता है। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान कम से कम दस साल तक यूरेनियम संवर्धन रोके और मौजूदा परमाणु सामग्री देश से बाहर भेज दे। इसके साथ ही अमेरिका यह भी चाहता है कि ईरान दूसरे कट्टरपंथी संगठनों को समर्थन देना भी समाप्त करे। ट्रंप का साफ कहना है कि किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब देखना यह है कि दोनों देशों के बीच अगले दौर की वार्ता में क्या नतीजा निकलता है।













