पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने राहुल गांधी के उस झूठ की पोल खोल दी है, जिसमें उन्होंने उनकी अनपब्लिश्ड किताब का हवाला देते हुए दावा किया था कि 2020 में चीन के साथ लद्दाख में गतिरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मी चीफ से कहा था – “जो उचित समझो, वो करो”। पूर्व सेनाध्यक्ष ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया है कि सरकार सेना के साथ खड़ी थी और जमीनी स्थिति यह थी कि हमें पूरा फ्री हैंड दिया गया था कि जरूरत पड़ने पर हम चीनी सैनिकों पर गोली चला सकें।
क्या कहा जनरल नरवणे ने
राहुल गांधी के झूठ पर जनरल नरवणे ने कहा कि सरकार ने सेना को अकेला नहीं छोड़ा। “जो उचित समझो वो करो” वाली बात सशस्त्र बलों पर सरकार के पूरे भरोसे को दिखाती है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति ऐसी थी कि आर्मी को फ्री हैंड मिला था। अगर जरूरत पड़ती तो चीनी सैनिकों पर फायर करने की छूट थी। उन्होंने जोड़ा कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
क्या कहा राहुल गांधी ने
दरअसल यह बात फरवरी 2025 में संसद में उठी थी। राहुल गांधी ने लोकसभा में 2 और 3 फरवरी को किताब के कुछ अंश पढ़ने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ने इजाजत नहीं दी। इसके बाद 4 फरवरी को सदन के बाहर मीडिया के सामने उन्होंने किताब की कॉपी दिखाई और कहा कि अगर पीएम सदन आएंगे तो उन्हें यह किताब देंगे। किताब का नाम है – Four Stars of Destiny। यह अभी प्रकाशित नहीं हुई है और डिफेंस मिनिस्ट्री से क्लियरेंस भी नहीं मिला है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार ने सेना को अकेला छोड़ने दिया था।
क्या है किताब में
किताब में 31 अगस्त 2020 की घटना का जिक्र है। उस दिन शाम करीब 8:15 बजे चीनी टैंक और इन्फैंट्री रेजांग ला (कैलाश रेंज, पांगोंग त्सो झील के पास) की तरफ बढ़ रहे थे। भारतीय सेना ने वार्निंग फ्लेयर दागा, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। नॉर्दर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने तुरंत जनरल नरवणे को बताया। नरवणे ने डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्टर एस जयशंकर से निर्देश मांगे। रात 9:10 बजे तक चीनी टैंक एक किलोमीटर के अंदर आ चुके थे। 9:25 बजे चीनी कमांडर ने हॉटलाइन पर डी-एस्केलेशन का प्रस्ताव दिया। फिर भी मंत्रियों से कोई साफ फैसला नहीं आया।
रात 10:10 बजे तक टैंक सिर्फ 500 मीटर दूर थे। उस वक्त मीडियम आर्टिलरी फायर करने का एकमात्र विकल्प बचा था। नरवणे लगातार अपडेट दे रहे थे। आखिरकार 10:30 बजे राजनाथ सिंह ने फोन करके बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है – “जो उचित समझो, वो करो”। नरवणे ने बाद में लिखा कि यह पूरी तरह सैन्य फैसला था।
राहुल गांधी ने बार-बार किताब दिखाकर सवाल उठाए, जबकि पूर्व आर्मी चीफ ने बाद में आकर कहा कि सेना को पूरा समर्थन मिला था। घटना में कोई बड़ा संघर्ष नहीं हुआ और भारतीय सेना ने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए।
















