भुवनेश्वर। सरकारी नौकरी केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि आम जनता की सेवा करने का एक अनूठा अवसर है। यह बात मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने आज 15वें नियुक्ति मेले के अवसर पर नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कही। ओडिशा सरकार द्वारा आयोजित 15वें नियुक्ति मेले-2026 के अवसर पर राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 4,623 नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम का आयोजन भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में किया गया।
मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्तों को बधाई देते हुए कहा कि शासन और प्रशासन व्यवस्था में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ही सरकार का वास्तविक चेहरा होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी इस भावना को अपनाते हैं, तो न केवल सरकारी सेवा की गरिमा बनी रहेगी, बल्कि वे जनता का विश्वास भी जीत सकेंगे।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि इस नियुक्ति मेले के तहत सात विभागों में नियुक्तियां की गई हैं। इनमें विद्यालय एवं जनशिक्षा विभाग में 4,113, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में 154, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में 143, इस्पात एवं खनन विभाग में 77, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग में 70, पंचायत राज एवं पेयजल विभाग में 52 तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 14 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने राज्य में रोजगार के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि जून 2024 से अब तक 44,082 लोगों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जबकि निजी क्षेत्र में 92,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने इसे राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और योजनाबद्ध प्रयासों का परिणाम बताया।

नव-नियुक्त कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में मार्गदर्शन देते हुए मुख्यमंत्री ने पांच महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार से दूर रहना चाहिए, क्योंकि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च है, इसलिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि कार्य निष्पादन के दौरान व्यक्तिगत विचारधारा को बाधा नहीं बनने देना चाहिए और सरकार की नीतियों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। समयबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को कार्यस्थल पर विनम्र और शालीन व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी, ताकि सरकार की छवि सकारात्मक बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी नव-नियुक्तों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपने कार्यशैली में पारदर्शिता, ईमानदारी और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को शामिल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने भी नव-नियुक्तों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से जनसेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

राज्य के मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास तथा एमएसएमई मंत्री श्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि जनसेवा की जिम्मेदारी है। वहीं वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने इसे साढ़े चार करोड़ लोगों की सेवा का अवसर बताया।
विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री श्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि राज्य में लगातार नियुक्ति मेलों के आयोजन से सरकार की क्षमता और दक्षता में वृद्धि हो रही है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पंचायत राज एवं पेयजल मंत्री श्री रवि नारायण नायक तथा उद्योग एवं कौशल विकास मंत्री श्री संपद चंद्र स्वाईं सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

















