कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक संदेश प्रेषित किया। इसमें उन्होंने लिखा है, ”अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर ‘प्रणवः’ कार्यालय का लोकार्पण अत्यंत हर्ष का विषय है।
यह भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है। संस्कृत हमारी प्राचीन एवं समृद्ध विरासत की संवाहिका है, जिसमें निहित ज्ञान-विज्ञान और दर्शन मानवता की अमूल्य धरोहर हैं।
नई शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय भाषाओं और ज्ञान परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिली है।
संस्कृत न केवल अतीत की, अपितु वर्तमान और भविष्य की भी सशक्त भाषा है और ‘प्रणवः’ कार्यालय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।”

















