गत 20 अप्रैल को गुमला स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में 18वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसका मुख्य उद्देश्य था जिले में कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करना तथा आगामी वर्ष 2026-27 के लिए व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार करना।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री अशोक भगत रहे। विशिष्ट अतिथि थे प्लांडू (रांची) के प्रमुख डॉ. अवनी कुमार सिंह, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय उप निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. निरंजन लाल, इंजीनियर एस. के. पाण्डेय तथा कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला के पूर्व वरीय वैज्ञानिक डॉ. संजय पाण्डेय। इसके साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, मत्स्य, भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान भी इस बैठक में शामिल हुए।
बैठक के प्रथम चरण में वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें बताया गया कि केंद्र द्वारा किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार, खेत स्तर पर प्रदर्शन, किसानों का प्रशिक्षण तथा कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए गए। फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया गया।
बैठक के दूसरे चरण में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें सभी विभागों ने अपने सुझाव दिए। योजना में किसानों के लिए अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, नई फसल किस्मों का प्रदर्शन, जैविक खेती को बढ़ावा, महिला एवं युवा किसानों के लिए विशेष कार्यक्रम तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों को शामिल किया गया।

















