उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में फर्जी डॉक्टर बनकर घूम रहे एक युवक को पकड़ा गया है। इसका नाम हस्साम अहमद है। हस्साम अहमद परिसर में संदि्ध गतिविधियां संचालित कर रहा था। केजीएमयू प्रशासन ने इस युवक को पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने इसी इसके खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचना के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अभी तक की जांच में पाया गया है कि नकली दस्तावेज के आधार पर परिसर में डॉक्टर बनकर घूम रहा थ। इस दौरान वह मेडिकल छात्रों को बहलाने-फुसलाने और झांसे में लेने का प्रयास कर रहा था।
केजीएमयू के डीन डा. के के सिंह ने बताया- वह हमेशा डॉक्टर की ड्रेस में रहता था। जानकारी मिली है कि बीस से अधिक छात्र-छात्राएं उसके सम्पर्क में थे। इसके अतिरिक्त वह और किन-किन स्टाफ के संपर्क में था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। उसने केजीएमयू के नाम से फर्जी लेटरहेड बनाया था। मेडिकल की छात्राओं को दिए गए लेटर में फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। यह एक बड़ी साजिश प्रतीत हो रही है।
KGMU की छात्राओं को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने का षड्यंत्र
डा. के के सिंह ने बताया कि यह शिकायत मिली थी कि कुछ लोग केजीएमयू की छात्राओं को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इस पर जब निगरानी की गई तो इस युवक का नाम सामने आया। ये युवक, केजीएमयू में चिकित्सा शिविर लगाकर खुद को डॉक्टर बताता था। उसने गत 20 अप्रैल को एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया था। इस शिविर में केजीएमयू के करीब बीस छात्र भी शामिल हुए थे। जांच में पाया गया कि यह फर्जी तरीके से परिसर में दाखिल हुआ है। इसके बाद गत मंगलवार को केजीएमयू के सर्जरी विभाग के पास से इसको पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया।

पिछले साल दिसंबर में सामने आया था KGMU लव जिहाद केस
उल्लेखनीय है कि केजीएमयू में दिसंबर, 2025 में लव जिहाद प्रकरण सामने आया था। केजीएमयू में लव जिहाद और कन्वर्जन के अभियुक्त डॉक्टर रमीजुद्दीन को पुलिस ने ठाकुरगंज से गिरफ्तार किया था। अभियुक्त की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस ने बताया था कि अभियुक्त डा रमीज, उसका पिता सलीमुद्दीन और काजी जाहिद हसन राना ये तीनों बंद कमरों में दीनी तालीम की बैठक किया करते थे। सलीमुद्दीन की पहली पत्नी पंजाब की हैं। उसके बाद सलीमुद्दीन ने 35 साल पहले खतीजा नाम की महिला से दूसरा निकाह किया था। सलीमुद्दीन ने उत्तराखंड के खटीमा में होम्योपैथिक क्लिनिक खोला था। आरोप है कि क्लिनिक की आड़ में सलीमुद्दीन महिलाओं का ब्रेन वाश करता था।
रमीज ने छिपाई थी अपनी पहली शादी की बात
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर के के सिंह ने बताया था कि विशाखा कमेटी के सामने डॉक्टर रमीज मलिक ने अपनी पहली शादी की बात छिपाई थी। डॉक्टर रमीज मलिक के पिता ने भी विशाखा कमेटी के सामने उसकी पहली शादी को लेकर झूठ बोला था। डॉक्टर रमीज़ की कथित पहली पत्नी के बयान भी विशाखा कमेटी ने फोन पर दर्ज किए हैं। डॉ रमीज की पत्नी ने काजी की मौजूदगी में निकाह की बात स्वीकार किया ।विशाखा कमेटी की अध्यक्ष डॉ मोनिका ने बताया था कि 22 दिसंबर को पहली बार पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने इमोशनल, फिजिकल और मेंटल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। इसके बाद अभियुक्त को सस्पेंड करने का आदेश दिया गया था।















