पाकिस्तान के लाहौर में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ। बताया जा रहा है कि आमिर हमजा वहां किसी काम से गया था। तभी अचानक कुछ हमलावर आए और उन्होंने उस पर लगातार गोलियां चला दीं। हमला करने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
यह पहली बार नहीं है जब आमिर हमजा को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले मई 2025 में भी उसके घर के बाहर उस पर हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हो गया था। उस समय भी उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आमिर हमजा का नाम लंबे समय से आतंकवाद से जुड़ा रहा है। वह 1987 में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापकों में से एक था। इस संगठन पर भारत समेत कई देशों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। हमजा संगठन के प्रचार, फंडिंग और योजनाओं में अहम भूमिका निभाता रहा है। वह संगठन की सलाहकार समिति का सदस्य भी रह चुका है।
उसकी करीबी पहचान हाफिज सईद और अब्दुल रहमान मक्की जैसे बड़े नामों से रही है। इनके साथ मिलकर उसने संगठन को मजबूत करने का काम किया। साथ ही, वह कई प्रकाशनों से भी जुड़ा रहा, जिनके जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने की कोशिश की जाती थी। अमेरिका ने 2012 में आमिर हमजा को वैश्विक आतंकी घोषित किया था। उस पर भारत के खिलाफ कई हमलों में शामिल होने के आरोप हैं। इन वजहों से वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय निगरानी में रहा है। साल 2018 में संगठन के अंदर पैसों को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसने अलग होकर “जैश-ए-मनक्फा” नाम का नया संगठन बना लिया।

















