देहरादून । तीन साल पहले तक उत्तराखंड पुलिस कहती थी कि उनके यहां कोई बंग्लादेशी घुसपैठियां नहीं है। हाल ही में चलाए गए सत्यापन अभियान में एक दो नहीं दर्जनों की संख्या में घुसपैठियों की पहचान हो रही है। अब रुड़की के बाद अब ऋषिकेश में भी बांग्लादेशी महिला को फर्जी दस्तावेजों के साथ हिरासत में लिया गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
मामले का खुलासा करते हुए सीओ नीरज सेमवाल ने बताया कि 15 अप्रैल को स्थानीय अभिसूचना इकाई को ऋषिकेश क्षेत्र में एक बांग्लादेशी नागरिक के अवैध रूप से निवास करने की गुप्त सूचना मिली। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने नटराज चौक और डग रोड क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
संदिग्ध महिला हिरासत में
इस दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर गेट नंबर-03 डग रोड के पास से संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने अपनी पहचान रीना उर्फ रीता निवासी जिला सरियातपुर, ढाका, बांग्लादेश के रूप में बताई। जानकारी के अनुसार इसके नाम पते आदि सब संदेहजनक है और इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
अवैध रूप से घुसपैठ कर फर्जी दस्तावेज से छुपाई पहचान
आरोपी महिला ने खुलासा किया कि वह करीब एक महीने पहले रिपोन नामक व्यक्ति की मदद से अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुई। रिपोन ने सोशल मीडिया के माध्यम से उससे संपर्क किया और भारत में अच्छे रोजगार का झांसा दिया।
इसके बाद भारत आने के बाद महिला ने अपनी पहचान छुपाने के लिए पश्चिम बंगाल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक भारतीय आधार कार्ड बनवाया।
दिल्ली से ऋषिकेश पहुंची महिला
वह 13 अप्रैल को दिल्ली से बस के जरिए ऋषिकेश पहुंची। पुलिस ने महिला के कब्जे से बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, फर्जी भारतीय आधार कार्ड, बांग्लादेशी नागरिकता प्रमाण पत्र की छायाप्रति और एक मोबाइल बरामद किया है।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
कोतवाली ऋषिकेश में महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूछताछ के साथ आगे की जांच में जुट गई है और महिला को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।

















