नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में कई दिनों से सैलरी बढ़ाने की मांग पर बैठे मजदूरों के प्रदर्शन ने कल यानी सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। इसके पीछे औद्योगिक अशांति पैदा करने की एक गहरी साजिश की आशंका जताई गई है। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे सामान्य विरोध प्रदर्शन से कहीं अधिक संगठित और प्रायोजित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं। इस घटना ने न केवल उत्तर प्रदेश सरकार बल्कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।

सोशल मीडिया और बॉट नेटवर्क
बीते सोमवार को नोएडा में करीब 45,000 प्रदर्शनकारियों का अचानक सड़कों पर उतरना और हिंसा पर उतारू हो जाना कोई इत्तफाक नहीं था। उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस प्रदर्शन के ‘डिजिटल फुटप्रिंट्स’ की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि प्रदर्शन को भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर हजारों फर्जी अकाउंट्स (बॉट्स) का इस्तेमाल किया गया। जांच में कुछ ऐसे आईपी एड्रेस मिले हैं जिनका लिंक पाकिस्तान और अन्य सीमा पार के देशों से होने की संभावना है।
रातभर में बने व्हाट्सएप ग्रुप
प्रदर्शनकारियों को संगठित करने के लिए एक खास ‘टूलकिट’ का इस्तेमाल किया गया था, जिसका उद्देश्य नोएडा के औद्योगिक विकास को रोकना और विदेशी निवेश को डराना था। जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदर्शन से ठीक पहले सैकड़ों नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इन ग्रुप्स के जरिए भ्रामक जानकारी और नफरत फैलाने वाले संदेश फैलाए गए ताकि मजदूरों को सड़कों पर उतारा जा सके।
शांत प्रदर्शन को असामाजिक तत्वों ने किया ‘हाइजैक’
नोएडा के फेज-2 और आसपास के इलाकों में हुई आगजनी और तोड़फोड़ ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि वास्तविक मजदूरों की मांगों को कुछ असामाजिक तत्वों ने ‘हाइजैक’ कर लिया था। पुलिस फुटेज और स्थानीय इनपुट से पता चला है कि भीड़ में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल थे जो नोएडा की किसी भी फैक्ट्री में काम नहीं करते थे। ये लोग खास तौर पर माहौल बिगाड़ने के लिए बाहर से बुलाए गए थे।
राजनीतिक दलों का संरक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकेत दिया है कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को बाधित करना चाहते हैं। जांच एजेंसियां उन नेताओं और संगठनों की सूची तैयार कर रही हैं जिन्होंने पर्दे के पीछे से प्रदर्शनकारियों को रसद और समर्थन मुहैया कराया।
भीड़ के पास पेट्रोल बम, पत्थर और डंडे जिस तरह से मौजूद थे, वह दर्शाता है कि यह एक सोची-समझी योजना थी। अचानक 45,000 लोगों का एक ही समय पर अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों पर हमला करना बिना किसी बड़े नेटर्क या नेता के संभव नहीं है।

प्रशासन ने बताई हिंसक प्रदर्शन की असली वजह
गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि जब मजदूर कई जगहों से शांति से तितर-बितर होने लगे, तो जिले के ‘बाहर’ से आए लोग सीमावर्ती इलाकों में घुस आए और अशांति फैलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा-“मजदूरों के शांति से तितर-बितर होने के बाद, बाहर से एक ग्रुप आया और तनाव और हिंसा भड़काने की कोशिश करते हुए इधर-उधर घूमने लगा। कुछ को हिरासत में ले लिया गया है और बाकी की पहचान की जा रही है।”
दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के लेबर मिनिस्टर अनिल राजभर ने हिंसा को एक ‘सोची-समझी साजिश’ बताया जिसका मकसद विकास और कानून-व्यवस्था को रोकना है। उन्होंने कहा कि एजेंसियां पाकिस्तान से संभावित लिंक की जांच कर रही हैं, उन्होंने मेरठ और नोएडा में हाल ही में संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी का हवाला दिया, जिनके पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से कनेक्शन हैं।
राजभर ने कहा- “ऐसी स्थिति में अस्थिरता पैदा करने की साजिश की संभावना बढ़ जाती है।”
समाधान के लिए कमेटी का गठन
हालात को देखते हुए योगी सरकार ने मजदूरों की वास्तविक समस्याओं (जैसे वेतन विसंगति और पीएफ मुद्दे) को सुनने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी उद्योगों और मजदूरों के बीच पुल का काम करेगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। साथ ही योगी सरकार हिंसा में शामिल और साजिश रचने वाले तत्वों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस ने 300 लोगों को गिरफ्तार किया है और अब तक 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में की बढ़ोत्तरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल मजदूरों के लिए अंतरिम न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की। नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट के मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल मजदूरों के लिए अंतरिम मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये मासिक कर दी गई है। अर्ध-कुशल मजदूरों के लिए 12,445 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये मासिक और कुशल मजदूरों के लिए 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये मासिक कर दी गई है। ये अंतरिम दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।

















