दिल्ली के कुख्यात शराब घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की घनघोर बेइज्जती कर दी गई है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल से कह दिया, ‘मुझे घूरिए मत।’जज ने यह भी कहा कि केजरीवाल कार्यवाही को बिगाड़ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
मामला सोमवार (13 अप्रैल 2026) को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले के मामले में खुद अपनी दलीलें रख रहे थे।उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के सामने कोर्ट की कार्यवाही में अनियमितताओं के आरोप लगाए।
क्या कहा केजरीवाल ने
केजरीवाल ने कहा कि 9 मार्च को एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के पक्ष में एक आदेश बिना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए पास कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ED के प्रति बहुत उदार रवैया रख रही है। उन्होंने 27 फरवरी की घटना का भी जिक्र किया। उस दिन ट्रायल कोर्ट ने 500 पेज से ज्यादा का विस्तृत फैसला दिया, जिसमें हर आरोप की जांच की गई और निष्कर्ष दिए गए। केजरीवाल के मुताबिक, उसी दिन चार घंटे के अंदर CBI ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी। इस अपील में ट्रायल कोर्ट के किसी भी निष्कर्ष का जिक्र नहीं था। उन्होंने कहा कि यह अपील दोषपूर्ण थी और इसे पहले दिन ही खारिज कर देना चाहिए था, लेकिन उस पर एक व्यापक आदेश पास कर दिया गया।
पिछले हफ्ते की सुनवाई का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने बताया कि उस दिन कई लोग जवाब देने के लिए समय मांग रहे थे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एक हफ्ते का अतिरिक्त समय मांगा और कोर्ट ने दे भी दिया। केजरीवाल ने कहा, “मैडम, विनती कर रहा हूं। मैं इस कोर्ट में पहली बार आया हूं, मैं घबराया हुआ हूं।”
जज पर केजरीवाल ने उठाए सवाल
अपनी बात रखते हुए केजरीवाल ने जज से कहा कि अगर माननीय जज किसी खास विचारधारा के कार्यक्रमों में जा रही हैं, तो उनके मन में डर पैदा होता है। उन्होंने कहा, “आपका चार बार वहां जाना मेरे मन में यह डर पैदा करता है कि क्या मुझे न्याय मिलेगा?” इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इन आरोपों पर सख्ती से जवाब दिया। उन्होंने केजरीवाल से कहा, “मुझे घूरिए मत।” जज ने यह भी कहा कि वह अपने फैसले में लिखेंगी कि केजरीवाल कार्यवाही बिगाड़ रहे हैं। जब केजरीवाल ने “चिल्लाने” की बात कही, तो जज ने उसे सुधारते हुए कहा, “वे चिल्ला रहे थे? वे अनुरोध कर रहे थे।”















