पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की कम होती लोकप्रियता के बीच लड़ा जा रहा है। भाजपा की लोकप्रिया जहाँ बढ़ रही है। वहीं ना सिर्फ तृणमूल कांग्रेस पार्टी बल्कि, खुद ममता बनर्जी की लोकप्रियता भी कम हो रही है। ममता बनर्जी का कम होता जनाधार और भाजपा का बढ़ता जनाधार का सबसे बड़ा उद्धरण नंदीग्राम और भबानीपुर विधानसभा सीटों पर देखने को मिल रहा है।
नंदीग्राम विधानसभा सीट विधानसभा सीट पर 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को महज 5.40 प्रतिशत मत मिला था। वहीं 2021 में भाजपा ने 48.49 मत प्राप्त करके इस सीट पर जीत की थी। भाजपा ने इस सीट पर 43.09 प्रतिशत मत का इजाफा किया था। जबकि 2016 की अपेक्षा तृणमूल कांग्रेस के मतों में 19.56 प्रतिशत मतों की गिरावट आई थी।
नंदीग्राम

भाजपा 2021 में नंदीग्राम सीट पर
1956 मतों से जीत दर्ज़ किया था, वहीं 2024 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा के बढ़त का अंतर चार गुना से अधिक 8200 हो गया।वहीं भबानीपुर विधानसभा सीट पर 2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी के जीत का अंतर 58835 मतों का था जो 2024 में घटकर 8269 मतों का रह गया।
भबानीपुर

इन दोनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन सीधे पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से जुड़ा है। इन दोनों सीटों से ममता बनर्जी चुनाव लड़ी हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गईं थीं। वहीं 2021 के उपचुनाव में भाबनीपुर सीट से उपचुनाव लड़कर विधायक बनी थीं। मगर इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी का लोकसभा के चुनाव में मतों का कम होना सीधे ममता बनर्जी की कम होती लोकप्रियता को इंगित करता है। यह परिणाम दर्शाता है कि विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस दोनों के लिए काफी मुश्किल वाला है।

















