सीसीटीवी कैमरे के विज्ञापन में अकसर सुना जाता है कि ‘ऊपर वाला सब देखता है’, परंतु अब इसके शब्द बदलते लगते हैं कि ‘बाहर वाला सब देखता है।’ पाकिस्तानी सीमा से सटे पंजाब के रहने वाले युवा, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए सबसे अधिक जासूसी करने का काम कर रहे हैं। आईएसआई का सबसे साफ्ट टारगेट पंजाब के युवा बन रहे हैं। आईएसआई उन्हें पैसों कर लालच देकर अपने लिए जासूसी करवा रही है और जासूसी का साधन बन रहे हैं सीसीटीवी कैमरे।
पैसों के लिए देश से गद्दारी
पैसे के लिए कुछ युवा देश के खिलाफ गद्दारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बीते दिनों स्पेशल सेल द्वारा आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में पंजाब और दिल्ली से गिरफ्तार किए गए 11 आरोपितों में नौ, पंजाब के ही विभिन्न इलाके के रहने वाले हैं, जिनसे पूछताछ में सीमा से सटे पंजाब के तरनतारन, फाजिल्का, बठिंडा व फिरोजपुर आदि इलाके में रहने वाले आठ से दस और जासूसों के बारे में सेल को जानकारी मिली है, उनके भी लंबे समय से आईएसआई से जुड़े होने का पता चला है।
टीमें करीब माह से पंजाब में डटी
उन्हें पकड़ऩे के लिए सेल की टीमें करीब माह से पंजाब में डटी हुई है। आईएसआई, पंजाब के प्रतिबंधित आतंकी संगठन, बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सहयोग से पंजाब के युवाओं से अपने से जोड़क़र जासूसी करवा रही है। इंटरनेट मीडिया के जरिये आइएसआइ से ऐसे युवा जुड़ रहे हैं जो नशे के आदी होते हैं। आईएसआई, बीकेआई व इंटरनेट मीडिया के जरिये देश भर के युवाओं को जोड़क़र उनसे जासूसी करवाने में जुटी हुई है।
पाकिस्तान को भेजी जा रही लाइव फीड
जासूसों पर पहले किसी का ध्यान नहीं जाता था लेकिन बीते माह गाजियाबाद पुलिस द्वारा आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में 21 आरोपितों को गिरफ्तार करने व उनसे पूछताछ में देश के रेलवे स्टेशनों, सैन्य ठिकानें व संवेदनशील जगहों पर सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनके लाइव फीड पाकिस्तान को भेजने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं, जिसके बाद कई एजेंसियों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया।
जिन 11 आरोपितों में गिरफ्तार किया है उनमें आठ को सेल की टीम ने करीब तीन हफ्ता पहले और शेष तीन को बीते 29 मार्च को गिरफ्तार किया था। जांच से पता चला है कि इंटरनेट मीडिया या बीकेआई के जरिये युवाओं को अपने से जोडऩे के बाद आईएसआई के हैंडलर रात के समय ड्रोन के जरिये अपनी सीमा से सटे पंजाब के विभिन्न इलाकों में विदेशी हथियार गिरा देते थे और उक्त हथियार को बेचकर इकट्ठा किए गए पैसे से हैंडलर, युवाओं को सोलर सीसीटीवी कैमरे खरीदने व आपस में पैसे बांट लेने का हुक्म देता था।
पहले आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार हुए
पहले ऑपरेशन में सेल ने छह आरोपित को गिरफ्तार किया था, जिनमें मनप्रीत, पंजाब के तरनतारन का रहने वाला है। वह इस माड्यूल का मास्टरमाइंड है जो आइएसआइ हैंडलर के सीधे संपर्क में था। अनमोल, फिरोजपुर का रहने वाला है। साहिल, पंजाब फिरोजपुर, अतुल राठी , रोहिणी, रोहित, रोहिणी व अजय, दिल्ली का रहने वाला है।
दूसरे दौर में पांच लोग काबू
दूसरे ऑपरेशन में सेल ने जिन पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया उनमें गुरजीत सिंह, कपूरथला, रिम्पलदीप, फाजिल्का, सलविंदर सिंह, फाजिल्का, हरप्रीत सिंह, मोगा, बूटा सिंह, फाजिल्का का रहने वाला है। इस मॉड्यूल की निशानदेही पर नौ सोलर सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए जिनमें नौ में सिमकार्ड लगाकर पाकिस्तान लाइव फीड भेजी जा रही थी। ये कैमरे कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर व अलवर आदि शहरों के संवेदनशील इलाके में लगाए गए थे।
आरोपियों के नाम
1. मनप्रीत सिंह- बीसीए है, इनक्रिप्टेड एप के जरिए आइएसआइ हैंडलर्स के संपर्क में आया था। इसे ड्रोन से गिराए गए अवैध विदेशी हथियार रिसीव करने, डिलीवर देने व सिमकार्ड अरेंज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
2. अनमोल – दसवीं पास, वाल पेपर पेस्टिंग का काम करता था, इनक्रिप्टेड एप के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में आया था, साहिल के जरिए पंजाब के डिफेंस इलाके में संवेदशील जगहों पर सोलर सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल किया था।
3.साहिल – 12वी पास है अनमोल के साथ मिलकर सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल किया था
4. अतुल राठी – न्यूजीलैंड ने एमबीए की पढ़ाई कर 2004 में भारत लौटा, इनक्रिप्टेड एप से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया, चार विदेशी पिस्टल रिसीव की थी।
5. रोहित – एमबीए, अतुल राठी के साथ पंजाब से हथियारों की तस्करी करता था
6. अजय – हथियार की तस्करी करता था
7. गुरजीत सिंह – आर्मी कैंट इलाके की तस्वीरें व वीडियो पाक हैंडलर्स को भेजता था
8. रिमल्दीप सिंह – आर्मी, बीएसएफ की लोकेशन फोटो पाक हैंडलर्स को भेजता था।
9. हरप्रति सिंह – ड्रग्स तस्करी, पाक हैंडलर्स को सेना के मूवमेंट के बारे में जानकारी देता था
10. सलविंदर सिंह – रिमल्दीप के साथ मिलकर संवेशनशील इलाको की फोटो व वीडियो पाकिस्तान भेजता था
11. बूटा सिंह – बीएसएफ, आर्मी कंटोंमेंट इलाको की फोटो व, वीडियो पाक हैंडलर्स को भेजता था।
सावधान! घर के बाहर लगे कैमरे भी बन सकते हैं दुश्मन की आंख
भारत में सुरक्षा के लिए लगाए गए लाखों सीसीटीवी कैमरे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। हालांकि केन्द्र सरकार ने हाल ही में कुछ चीनी सीसीटीवी कैमरों पर रोक लगाई है लेकिन बड़ी संख्या में पहले से लगे कैमरे बड़ी चिंता का विषय हैं। एक अनुमान के अनुसार देश में कुल 30 लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे होने का अनुमान है। इनमें 10 लाख कैमरे सरकारी संस्थानों में चीनी कंपनियों के होने के अनुमान हैं।
दिल्ली में ही 2.74 लाख में से 1.4 लाख कैमरे चीनी हैं। हालांकि सरकार ने 2024 के बाद इस पर सख्ती बरती है। सीसीटीवी के बढ़ते खतरे को देखते हुए केन्द्रीय खुफिया एजेंसीज, आईबी सीसीटीवी नेटवर्क की देशव्यापी ऑडिट करवाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं दिल्ली में चरणबद्ध तरीकों से चीनी सीसीटीवी कैमरों को बदला जा रहा है।
क्यों खतरनाक हैं चीनी सीसीटीवी?
चीन में इंटेलिजेंस कानून (2017) के मुताबिक चीनी कंपनियों को सरकार के साथ डेटा शेयर करना जरूरी है। इससे भारत में लगे वहां के सीसीटीवी कैमरे बीजिंग की आंख और कान बन सकते हैं। गाजियाबाद जासूसी मामले में सीसीटीवी फुटेज पाकिस्तान तक भेजी जा रही थी। रेलवे में भी एक मामले में कैमरों के मूल देश को छिपाने की आशंका का मामला सामने आया था। वहीं पावर ग्रिड पर साइबर हमलों में सीसीटीवी, डीवीआर के इस्तेमाल की आशंका।












