ईरान के साथ बातचीत असफल होने से अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले सारे समुद्री जहाजों को रोकने का ऐलान कर दिया है। इसमें सभी देशों के जहाजों को रोकने की घोषणा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान ने धोखा दिया है।
क्या कहता है अमेरिका?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को बताया कि सोमवार दोपहर 2 बजे (1400 GMT) से ईरान के सभी खाड़ी बंदरगाहों पर नाकाबंदी शुरू हो जाएगी। इसका मतलब है कि कोई भी जहाज, चाहे किसी भी देश का हो, ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने नहीं पाएगा। यह नियम अरब सागर और ओमान की खाड़ी वाले ईरानी बंदरगाहों पर भी लागू होगा।
लेकिन एक अहम बात यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को रोका नहीं जाएगा, अगर वे ईरान के बंदरगाहों पर नहीं जा रहे हों। यानी दूसरे देशों के बंदरगाहों के लिए जाने वाले जहाजों की आवाजाही सामान्य रहेगी।
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बातचीत क्यों टूटी?
यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई करीब 20 घंटे की बातचीत के बाद आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत ज्यादातर मुद्दों पर अच्छी रही थी और कई पॉइंट्स पर सहमति बन गई थी। लेकिन एक सबसे बड़ा मुद्दा हल नहीं हुआ – ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़ने को तैयार नहीं है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान अपने न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने को तैयार नहीं है।” उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वांस, स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकोफ और अपने दामाद जेरेड कुश्नर से पूरी जानकारी ली थी।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने का वादा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने पानी में माइन्स बिछा दिए हैं, जिससे दुनिया भर के शिपिंग कंपनियां डर गई हैं। किसी भी जहाज मालिक को अब जोखिम उठाने की हिम्मत नहीं है।
उन्होंने इस स्थिति को “दुनिया से जबरन वसूली” बताया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी जहाज ईरान को अवैध टोल देगा, उसे अमेरिकी नौसेना अंतरराष्ट्रीय पानी में रोकेगी। साथ ही ईरान द्वारा लगाए गए माइन्स को साफ करने का काम भी शुरू हो जाएगा। ट्रंप ने साफ कहा – अगर कोई ईरानी अमेरिकी जहाजों या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाएगा, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
यह कदम दुनिया के ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य तेल और गैस की सप्लाई का बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। फिलहाल अमेरिका ने अपने फैसले को स्पष्ट रखा है कि नाकाबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों तक सीमित रहेगी, पूरे जलडमरूमध्य को नहीं रोका जाएगा।
















