खाड़ी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में वार्ता असफल होने पर ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरानी सरकार का आरोप है कि वार्ता के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री के एक फोन कॉल ने सब कुछ बिगाड़ दिया और ये वार्ता असफल हो गई। ये फोन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को एक फोन किया था। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स (ट्विटर) पर यह बात लिखी है।
नेतन्याहू के फोन ने चर्चा का रुख बदल दिया
अराघची ने लिखा कि बैठक के दौरान नेतन्याहू का वेंस को फोन आया। इससे बातचीत का पूरा फोकस अमेरिका-ईरान मुद्दों से हटकर इजरायल के हितों पर चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बातचीत की मेज पर वह बातें हासिल करने की कोशिश की, जो वह युद्ध के रास्ते से नहीं पा सका था।
ईरान के अनुसार, उनकी टीम ने पाकिस्तान की मेजबानी में हुई इस बैठक में अच्छी नीयत से हिस्सा लिया। लेकिन वेंस का वहां से जाने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करना जरूरी नहीं था। अराघची ने कहा कि ईरान अपने देश के हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध है।
अमेरिका की तरफ से कोई पुष्टि नहीं
अमेरिकी पक्ष ने नेतन्याहू के फोन कॉल की न तो पुष्टि की है और न ही इसे नकारा है।यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब इस महीने की शुरुआत में दो हफ्ते का सीजफायर (युद्धविराम) लगा था। अब उस सीजफायर के खत्म होने में सिर्फ कुछ दिन बचे हैं और फिर से दबाव बढ़ रहा है।
वार्ता में दोनों पक्षों के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और युद्ध रोकने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ईरान ने कहा कि वह अपनी लाल लकीरों से पीछे नहीं हटेगा, जबकि अमेरिका ने कहा कि ईरान ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। पाकिस्तान ने इस बैठक की मेजबानी की, जो अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय बाद उच्च स्तर की सीधी बातचीत थी। दोनों देश पिछले छह हफ्तों से चल रहे तनाव और संघर्ष को खत्म करने की कोशिश कर रहे थे।











