भारत सरकार 114 राफेल लड़ाकू विमानों का बड़ा ऑर्डर करने जा रही है। इस डील का कुल खर्च करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये है। रक्षा मंत्रालय ने साफ प्लान बनाया है कि ये सारे जेट्स स्वदेशी मिसाइलों और हथियारों को कैरी कर सकें। डील ‘बाय एंड मेक’ कैटेगरी में है, जो सरकार-से-सरकार समझौते के तहत होगी। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 12 फरवरी को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। अब अगले महीने फ्रांसीसी कंपनी को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जाएगा और उसके बाद कॉन्ट्रैक्ट की बातचीत शुरू होगी।
भारत में बने 96 जेट्स भारत में ही बनेंगे
इस डील में 18 जेट्स फ्रांस से रेडीमेड (फ्लाई-अवे) हालत में आएंगे। बाकी 96 जेट्स भारत में ही बनाए जाएंगे। इनमें 25 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी पार्ट्स लगेंगे। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को अच्छा बूस्ट मिलेगा।
सरकार का सबसे बड़ा फोकस ये है कि नए राफेल जेट्स भारतीय मिसाइलों को आसानी से इंटीग्रेट कर सकें। इसके लिए फाइनल कॉन्ट्रैक्ट में इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट को अनिवार्य कर दिया जाएगा। ICD एक टेक्निकल डॉक्यूमेंट है, जो सिस्टम और उसके सब-सिस्टम्स के बीच प्रोटोकॉल तय करता है। इससे स्वदेशी हथियारों को जेट्स में फिट करना आसान हो जाएगा।
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डील में देरी का कारण
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि डील में देरी हो रही है क्योंकि दसॉल्ट सोर्स कोड देने से मना कर रही है। सोर्स कोड वो सॉफ्टवेयर है जो रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, टारगेट ट्रैकिंग, फ्लाइट कंट्रोल और हथियार लॉन्च जैसी चीजों को कंट्रोल करता है। लेकिन रक्षा मंत्रालय के टॉप अधिकारी कहते हैं कि ये कोई नई बात नहीं है। कोई भी देश अपना प्रोप्राइटरी सॉफ्टवेयर कोड किसी तीसरे देश को नहीं देता, भले ही वो करीबी दोस्त क्यों न हो। उन्होंने साफ कहा कि डील पूरी तरह ट्रैक पर है।
स्वदेशी पर जोर दे रहा भारत
इस डील के साथ भारत अपनी वायुसेना को मजबूत करने के साथ-साथ स्वदेशी विकास पर भी जोर दे रहा है। भविष्य में तेजस मार्क IA, लंबी दूरी की मिसाइलें और ट्विन-इंजन AMCA जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, ताकि विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर निर्भरता कम हो।
राफेल जेट्स पहले से ही भारतीय वायुसेना में हैं और ये मल्टी-रोल कैपेबिलिटी के लिए जाने जाते हैं। नई खेप में स्वदेशी मिसाइलों को जोड़ने से इनकी ताकत और बढ़ जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे वायुसेना की हवा में दबदबा बढ़ेगा और लंबी दूरी के हमलों की क्षमता मजबूत होगी।

















